फोटो: 12रेवाड़ी। गांव पनवाड़ स्थित चौपाल में आयोजित बैठक में उपस्थित अनुसूचित जाति के लोग।
संवाद न्यूज एजेंसी
बावल। गांव पनवाड़ में 17 गांवों के अनुसूचित जाति के लोगों की बैठक रविवार को हुई। इसमें अखिल भारतीय परिषद अलवर के जिलाध्यक्ष भरत ने कहा कि चमार शब्द को आपत्तिजनक बताया गया है। ऐसे में राजस्थान की तरह इस वर्ग के लोगों को मेघवाल के नाम से संबोधित किया जाए और इसी नाम से प्रमाणपत्र जारी किया जाए। उपायुक्त से मिलकर मेघवाल के नाम से प्रमाणपत्र बनाने की मांग की जाएगी। भूपेंद्र शेखपुर ने भी मेघवाल के नाम से प्रमाणपत्र बनाने की मांग की। अगली बैठक रविवार को पावटी गांव में होगी।