रेवाड़ी। जिले के थाना खोल प्रभारी और महिला एएसआई के खिलाफ बहरोड़, राजस्थान के मांढण थाने में एक मामला दर्ज कराया गया है। बताते हैं कि एक महिला ने खोल पुलिस के साथ मिलकर मांढण के एक व्यक्ति को घर से जबरन उठवाया और उसे दुष्कर्म मामले में फंसाने की धमकी देकर आठ लाख रुपये के 2 चेक ले लिए। पीड़ित ने बहरोड़ अदालत में इस्तगासा दायर कर दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
थाना मांढण में दर्ज एफआईआर के अनुसार गांव मांढण निवासी संतोष कुमार सोनी लगभग 12 साल पहले मांढण के सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाली एक महिला से मिले। यह महिला जिला रेवाड़ी के के एक की निवासी थी। ड्यूटी की वजह से वह मांढण में रहती थी, जिस वजह से संतोष कुमार की महिला से अच्छी पहचान हो गई। संतोष का उसके घर आना और इसके परिवार से मिलना आम था। 2015 में महिला का निधन हो गया और तब से संतोष ने भी वहां जाना बंद कर दिया।
संतोष की शिकायत है कि 23 अगस्त 2022 को महिला की बेटी, जो हाल- फिलहाल जयपुर में रहती है, वह अपने साथ जिला रेवाड़ी के थाना खोल में तैनात एएसआई पिंकी देवी उर्फ बालवती व दो अन्य पुलिस जवानों के साथ उनके घर पहुंची। महिला एएसआई ने महिलस की बेटी के साथ लेन-देन की बात करते हुए संतोष को उनके साथ थाने चलने की बात कही। संतोष के अनुसार पुलिस जवान उसे जबरन घर से उठाकर गाड़ी में डालकर खोल थाना ले गए।
इस घटनाक्रम के बाद संतोष का बेटा अनिल सोनी, पत्नी सुशीला और मामा हरद्वारीलाल भी खोल थाने में पहुंच गए। शिकायतकर्ता के अनुसार थाने में उसकी पिटाई गई और महिला एएसआई और थाना प्रभारी कृष्ण चौधरी ने उसे कहा कि महिला की बेटी के साथ तुम्हारा 8 लाख रुपये का जो लेनदेन है, उसके पैसे मंगवाकर दे, अन्यथा दुष्कर्म के मामले में फंसा देंगे। संतोष ने बार-बार कहा कि उसका युवती के साथ पैसे का कोई लेन-देन नहीं, मगर पुलिस ने उसकी बात नहीं सुनी। संतोष से उसकी पत्नी व बेटे ने मिलने की कोशिश की मगर पुलिस ने उसे नहीं मिलने दिया और इन्हें भी किसी मामले में फंसाने की धमकी देते हुए धमकाया। इसके बाद संतोष का बेटा अनिल मांढण गया और वहां से बैंक पासबुक लेकर खोल थाना पहुंचा। इसके बाद खोल थाने में संतोष और महिला की बेटी के बीच जबरन पैसे के लेनदेन का समझौता कराया गया और फिर बगैर किसी व्यक्ति के नाम पर ब्लैंक चेक, जिनमें एक में तीन लाख रुपये और दूसरे पर पांच लाख रुपये भरकर ले लिए। दोनों ही चेक पर किसी का नाम नहीं लिखवाया, हस्ताक्षर और राशि लिखवाई गई। दोनों ही चेक पर 1 सितंबर 2022 की तारीख दर्ज की गई थी।
दो दिन मांढ़ण पुलिस ने नहीं की कार्रवाई
संतोष कुमार सोनी का कहना है कि पुलिस अधिकारियों की धमकी की वजह से वह खुद और उनका परिवार बुरी तरह डर गया। लेकिन इसके बाद हिम्मत कर 28 अगस्त को मांढण थाना में शिकायत दी गई, लेकिन दो दिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि इस बीच 31 अगस्त को फिर से महिला एएसआई बालवती ने फोन किया कि और कहा कि बाप-बेटे चुपचाप 1 सितंबर को पैसे लेकर खोल थाना आ जाना महिला की बेटी जयपुर से आ रही है। संतोष कुमार ने इस दौरान बहरोड़ स्थित एसीजेएम की कोर्ट में इस्तगासा दायर कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आरोप लगाया कि खोल थाना पुलिस के दोनों अधिकारियों ने महिला की बेटी के साथ साजबाज होकर पद का दुरुपयोग करते हुए उसे झूठे मुकदमे में फंसाने या साजिश के तहत उसके साथ ऐसा किया। आरोप लगाया कि महिला की बेटी हनीट्रैप के मामलों में फंसाकर पैसे लूटने का काम करती है। मामले को लेकर दायर इस्तगासा पर सुनवाई करते हुए सोमवार को बहरोड़ कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया। जिसके बाद देर शाम मांढण थाना पुलिस ने महिला की बेटी, एएसआई पिंकी देवी उर्फ बालवती, थाना खोल प्रभारी कृष्ण चौधरी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
वर्जन
कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी, जिससे साफ हो सके क्या गलत है और क्या सही है। - मुकेश कुमार, थाना प्रभारी माढ़ण।
वर्जन
पैसों के लेनदेन की शिकायत मिली थी। इसके आधार पर दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। अब पुलिस पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं।- एएसआई बालवती