रेवाड़ी। सरकार ने विभिन्न योजनाओं को पारदर्शी बनाने के मकसद से ऑनलाइन तो कर दिया, लेकिन लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। व्यवस्था के तहत कागजी काम कम होने के साथ ही जरूरतमंदों को सीधा लाभ मिलना था, लेकिन लापरवाह व्यवस्था के चलते 42218 विद्यार्थियों का वर्दी भत्ता अटक गया है।
शिक्षा विभाग का ऑनलाइन सिस्टम सरकार के इन दावों की पोल खोल रहा है। वर्ष 2022-23 शिक्षा सत्र में कक्षा एक से आठवीं तक के 42,218 बच्चों का अभी तक वर्दी भत्ता नहीं मिला है। जबकि अभिभावकों की ओर से भी अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है। वर्दी भत्ते के अभाव में विद्यार्थियों को स्कूल वर्दी खरीदने में काफी दिक्कत आ रही है। ऐसे में बच्चे ठंड बढ़ने की वजह से ठिठुर रहे हैं। हालांकि ठंड के कारण प्रशासन ने 21 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित किया है।
बतादें कि जिले में 42,218 बच्चों को स्कूल वर्दी भत्ता मिलना है, जिसमें पहली क्लास से लेकर पांचवीं तक के 25,463 बच्चे व छठीं क्लास से लेकर आठवीं तक के 16,755 बच्चे शामिल हैं। इसकी वजह से बच्चे वर्दी नहीं खरीद पा रहे। इसका बजट चंडीगढ़ से तय होता है, जो पैसे सीधे बच्चों के खाते में डाले जाते हैं। लेकिन इस बार किसी कमी के कारण पैसे अभी तक नहीं डाले गए।
- 800 से 1000 रुपये तक मिलता है वर्दी भत्ता
सभी विद्यार्थियों को यूनिफार्म ग्रांट के नाम पर 5वीं तक 800 रुपये व कक्षा 6 से लेकर 8 तक 1 हजार रुपये एकमुश्त देने का प्रावधान है। अनुसूचित जाति के छात्रों को कक्षा 1 से 5 तक 150 रुपये प्रति माह और छात्राओं के लिए 225 रुपये प्रति मास छात्रवृत्ति भत्ता दिया जाता है। कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए 200 रुपये छात्राओं के लिए 300 रुपये हर महीने दिया जाता है।
स्टेशनरी का सामान खरीदने के लिए मिलते हैं 1250 रुपये
कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के छात्र व छात्राओं के लिए साल में एक बार सरकार स्टेशनरी खरीदने के लिए राशि भी देती है। पहली कक्षा के छात्र छात्राओं को 740 रुपये दूसरी में 750 रुपये, तीसरी में 960 रुपये, चौथी में 970 रुपये, पांचवीं में 980 रुपये और कक्षा छठी से 8वीं तक 1250 रुपये साल में एक बार एकमुश्त देने का प्रावधान है।
- साल में चार बार मिलती है राशि
यह राशि प्रति मास के हिसाब से हर तिमाही यानी साल में चार बार देने का प्रावधान है। बीसीए और बीपीएल के कक्षा एक से पांच तक छात्र व छात्राओं के लिए 75 रुपये छात्राओं के लिए 150 रुपये प्रति माह मिलते हैं। कक्षा 6 से 8 तक 100 रुपये और छात्राओं के लिए 200 रुपये प्रति दिए जाते हैं।
- एमआईएस पोर्टल पर होता है सारा डेटा अपलोड
स्कूलों में पढ़ने वाले हर छात्र का पूरा रिकार्ड जन्मतिथि, कैटेगरी, अभिभावकों का व्यवसाय, पता, शैक्षणिक योग्यता, आय, बैंक खाता आदि के साथ साथ छात्र कहां-कहां पढ़ा है, सहित उसके स्वास्थ्य तक की पूरी जानकारी एक क्लिक पर देखी जा सकती है। इस पोर्टल के सही डेटा अपडेट करने की पूरी जिम्मेदारी विभाग के आईटी सैल की होती है।
वर्जन:
कक्षा एक से लेकर आठवीं तक के 42,218 विद्यार्थियों के वर्दी भत्ता अभी तक विभाग द्वारा नहीं डाले गए हैं, जिन्हें जल्द डाला जाएगा। यह पैसे सीधे चंडीगढ़ से विभाग की ओर से बच्चों के खाते में भेज दिए जाएंगे।
नसीब सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।