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आज मंडियों में बाजरे की खरीद में तेजी आने की उम्मीद

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रेवाड़ी। हरियाणा सरकार की ओर से एक अक्तूबर से बाजरे की खरीद शुरू कराने के आदेश के बाद भी रविवार तक नई अनाज मंडी में खरीद नहीं हो पाई है। व्यापारियों के अनुसार अधिकारी इसकी वजह स्थानीय किसानों की बाजरे की गुणवत्ता में कमी होना बता रहे हैं। उन्होंने सोमवार को बाजरे की खरीद में तेजी आने की उम्मीद जताई है।
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व्यापारियों ने बताया कि पिछले सप्ताह आई बारिश के कारण किसानों को करीब 30 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में बाजरे की फसल को नुकसान हुआ है। भीगने के कारण बाजरे की गुणवत्ता में भी कमी आई है। बाजरे का दाना काला पड़ गया है। बारिश से पहले अनाज मंडी में आए बाजरे की गुणवत्ता बेहतर थी। किसानों ने बाजरे की फसल सुखाने के बाद उसे निकालना शुरू कर दिया है। जहां पर फसल में भरा पानी सूख गया है, वहां पर कटाई का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। ।
व्यापार मंडल के प्रधान राधेश्याम मित्तल ने कहा कि 20 हजार बैग बाजरा मंडी में आ गया है। सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य 2350 रुपये प्रति क्विंटल पर बाजरा खरीद होनी है, मगर अभी तक मामला ठंडा है। उन्होंने कहा कि अन्य जिलों में 2 हजार बैग तक बाजरे की फसल एमएसपी पर खरीदी जा चुकी है, जबकि रेवाड़ी की मंडी में ऐसा नहीं हुआ है। उनकी मांग है कि सरकार यहां के किसानों का अधिकाधिक बाजरा खरीद कराए।
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उन्होंने बताया कि जिले में बाजरे की खरीद के लिए कोसली, रेवाड़ी, डहीना सब यार्ड में हैफेड व बावल, बोलनी गांव व जाटूसाना में हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन द्वारा खरीद केंद्र बनाए गए हैं। बाजरे के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य 2350 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। हैफेड 60 प्रतिशत व एचएसडब्ल्यूसी 40 प्रतिशत खरीद करेगी।
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