रेवाड़ी। किसान नेता राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि सरकार किसानों का बाजरा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर नहीं खरीद रही है। भावांतर योजना किसानों को एमएसपी से वंचित करने के लिए लाई गई है। सरकार किसानों को 2900 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बाजरे का भुगतान करे। भावांतर योजना के बजाय 2900 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी दिया जाए जिससे किसानों को परेशानी न उठानी पड़े। उन्होंने कहा कि रेवाड़ी अनाज मंडी के बाहर तीन किलोमीटर तक ट्रैक्टर-ट्राॅलियों की कतार लगी है। किसान रात से फसल लेकर खड़े रहते हैं, लेकिन मंडी में पेयजल, सस्ते भोजन की सुविधा नहीं है। पोर्टल प्रक्रिया के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। उन्होंने दस-दस गांवों के क्लस्टर बनाकर खरीद शुरू करने और किसानों के बाजरे का भुगतान एकमुश्त राशि उनके बैंक खातों में भेजने की मांग की।