रेवाड़ी। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि प्रदेश की सरकार आयुष्मान भारत योजना के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है। पर्याप्त बजट के अभाव में यह योजना कागजों तक सीमित होती जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार थोक के भाव आयुष्मान और चिरायु कार्ड बना रही है, लेकिन इनके माध्यम से इलाज के लिए पर्याप्त बजट नहीं दिया जा रहा है। करीब 75 प्रतिशत बीमारियों के इलाज पर निजी अस्पतालों में रोक होने से कार्डधारकों को सरकारी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त चिकित्सक, नर्सिंग व अन्य जरूरी सुविधाएं नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी होती है। जिन बीमारियों का निजी अस्पतालों में इलाज किया जाता है, उनकी भुगतान राशि समय पर नहीं मिलने से अस्पताल संचालक हड़ताल करने को मजबूर होते हैं। उन्होंने पर्याप्त बजट देने की मांग की है।