संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। एआईयूटीयूसी से संबंधित आशा कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा की जिला रेवाड़ी ने वीरवार को यूनियन की जिला प्रधान राजबाला यादव व सचिव संतोष के नेतृत्व में शहर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए सीटीएम को मुख्यमंत्री के नाम अपनी लंबित मांगों को पूरा करने के लिए एक ज्ञापन सौंपा।
प्रर्दशन में जिलेभर की सैकड़ों आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इससे पूर्व सभी आशा कार्यकर्ता शहर के नेहरू पार्क में इकट्ठा हुईं और एक सभा आयोजित की। सभा को संबोधित करते हुए एआईयूटीयूसी हरियाणा के राज्य अध्यक्ष कामरेड राजेन्द्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं की मांगे जायज है, लेकिन सरकार अहंकार के चलते कोई सुनवाई नहीं कर रही। 2018 के बाद इनका कोई मानदेय नहीं बढ़ाया है, जबकि प्रदेश की आशा कार्यकर्ताओं पर लगातार काम का बोझ बढ़ाया जा रहा है।
कामरेड राजेन्द्र सिंह एडवोकेट ने अपने संबोधन में संयुक्त आंदोलन पर जोर दिया और कहा कि सीटू यूनियन संयुक्त आंदोलन पर विश्वास नहीं करतीं। उन्होंने हड़ताल की एकतरफा घोषणा करने से पहले एआईयूटीयूसी से संबंधित आशा कार्यकर्ता यूनियन व हरियाणा की किसी भी यूनियन से बातचीत नहीं की। सीटू ने आशा बहनों के हितों के बजाय अपनी यूनियन के हितों को ही साधने का काम किया है।
कामरेड सिंह ने कहा कि आज इस अहंकारी सरकार से संयुक्त आंदोलन के माध्यम से ही मुकाबला किया जा सकता है। लेकिन सीटू ने 9-10 अगस्त की संयुक्त हड़ताल व महापड़ाव के उलट 8 अगस्त से ही आशा कार्यकर्ताओं की हड़ताल की घोषणा करके संयुक्त आंदोलन को तोड़ने और आशा कार्यकर्ताओं के हितों पर कुठाराघात करने का काम किया है।
जिला सचिव संतोष ने आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय को बढ़ाकर 26000 रुपये महीना करने, एएनएम के 25 प्रतिशत पद आशा कार्यकर्ताओं से भरने की मांग की। यूनियन की राज्य उपप्रधान सुषमा यादव ने प्रत्येक सीएचसी व पीएचसी में आशा कार्यकर्ताओं के लिए आराम गृह बनाए जाने की मांग की, ताकि जब आशा कार्यकर्ताओं को किसी प्रसूता महिला के साथ अस्पताल में रात्रि को रुकना पड़े तो वो वहां रात्रि विश्राम कर सके।
यूनियन की राज्य अध्यक्ष राजबाला ने कहा कि आशा कार्यकर्ता लंबे समय से अपनी जायज मांगों को पूरा करवाने के लिए लगातार धरनेा, प्रदर्शन व आंदोलन करके सरकार से मांग करती आ रही हैं लेकिन सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही। जिला प्रधान ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने आशा कार्यकर्ताओं की मांगों को नहीं माना तो 21 अगस्त को सभी पीएचसी पर धरने दिए जाएंगे और 25 अगस्त को सीएमओ कार्यालय पर जिलास्तरीय धरना दिया जाएगा।
प्रर्दशन में निर्मला महेश्वरी, सुनीता अलावलपुर, मंजू कापड़ीवास, सावित्री, ललता कालाका, पूनम हांसाका, विधा देवी, गीता, कविता मोहम्मदपुर, मीना, पिंकी पाडला, जयमाला, सुनीता मैलावास, सुदेश व शकुंतला भाकली, आशा मनेठी, रीतू, कश्मीरी, विजयलक्ष्मी, सरोज, निर्मला, सुनीता यादव नगर आदि ने भाग लिया।