राव इंद्रजीत सिंह, केंद्रीय मंत्री
रेवाड़ी। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के प्रयासों के बाद रेवाड़ी में केंद्रीय कर्मचारियों को मकर संक्रांति पर एक बड़ी सौगात मिली है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने पत्र जारी कर रेवाड़ी में सीजीएचएस क्लिनिक के निर्माण की मंजूरी दी है।
राव केंद्रीय कर्मचारियों की समस्या को लेकर पिछले कई वर्षों से केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री के लगातार संपर्क में थे करीब 6 माह पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडवीया ने राव को पत्र लिखकर कर्मचारियों की कमी विभाग में दर्शाते हुए सीजीएचएस क्लीनिक को भविष्य में मंजूरी देने की बात कही थी। एम्स के शिलान्यास की तैयारी के बीच रेवाड़ी में सीजीएचएस क्लीनिक की मंजूरी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है।
रेवाड़ी व आसपास के जिलों के कार्यरत केंद्रीय कर्मचारियों व रिटायर्ड केंद्रीय कर्मचारियों ने सांसद इंद्रजीत सिंह से मिलकर रेवाड़ी में सीजीएचएस क्लिनिक खुलवाने की मांग की थी। इसके बाद से ही राव पत्र के माध्यम से व संसद सत्र के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से मिलकर रेवाड़ी में आसपास के जिलों के रहने वाले केंद्रीय कर्मचारियों की समस्याओं को उनके सामने रखते थे।
60 हजार केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगी सुविधा:
गौरतलब है कि रेवाड़ी जिले सहित आसपास के जिलों में गरीब 60 हजार केंद्रीय कर्मचारी रिटायर्ड और वर्तमान में कार्यरत शामिल है। इन कर्मचारियों को इलाज के लिए केंद्र सरकार की ओर सीजीएचएस क्लिनिक की सुविधा दी जाती है, लेकिन जिले में पिछले वर्षों से केंद्रीय कर्मचारियों को सुविधा का अभाव था।
आसान होगा दवा लेना
केंद्र सरकार ने सीजीएचएस स्टोर ऑनलाइन कर दिए हैं। क्लिनिक खुलने के बाद जिले के मरीजों को दुकान पर जाकर दवा लेने की जरूरत नहीं रहेंगी। सीजीएचएस क्लिनिक पर डॉक्टर सीधे कंप्यूटर पर ही दवा लिखेंगे। दवा का यह पर्चा ऑनलाइन ही मेडिकल स्टोर में लगे कंप्यूटर में खुलेगा। वहां तुरंत मरीज के नाम की दवा का बंडल बनाकर उसे सीजीएचएस क्लिनिक भेज दिया जाएगा।
अब यहीं होगी जांच
सीजीएचएस क्लिनिक खुलने के बाद मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर कराने के लिए भी दिल्ली या गुरूग्राम जाना होता था। अब उन्हें रेफर कराने के लिए कहीं जाना नहीं होगा। यहीं से रेफर कराकर निजी अस्पताल में इलाज कराना संभव होगा।