रेवाड़ी। गांवों में शराब के ठेके खोले जाने के विरोध में ग्रामीण लामबंद होने लगे हैं। कोसली क्षेत्र के गांव कृष्ण नगर (लूला अहीर) में शुक्रवार को शराब का ठेका खोलने के विरोध में ग्रामीणों ने सुबह 9 बजे रेवाड़ी-कोसली रोड पर अवरोधक डालकर जाम लगा दिया। जाम के कारण रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और जाम को खुलवाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण शराब का ठेका हटवाने की जिद पर अड़े रहे। करीब तीन घंटे बाद काेसली एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव कृष्ण नगर लंबे समय से शराब का ठेका नहीं खोला गया है, लेकिन इस बार प्रशासन ने मिलीभगत कर उनके गांव में शराब का ठेका खोल दिया, जिससे सभी ग्रामीणों को परेशानी है। सरपंच सुमन देवी व पंचायत समिति सदस्य मधु बाला उनकी गांव की पंचायत ने गांव में शराब ठेका नहीं खोलने के अनुरोध के साथ प्रस्ताव पास कर विभाग को भेजा गया था। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में जिस जगह शराब ठेका खोला गया है, उससे करीब 400 मीटर की दूरी पर महिला महाविद्यालय का रीजनल सेंटर चल रहा है। रीजनल सेंटर में पढ़ने के लिए आने वाली छात्राओं को शराब के नशे धुत युवक छींटाकसी और छेड़छाड़ करते हैं। आबकारी विभाग की लापरवाही से परेशान ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह रोड पर जाम लगा दिया। बड़ी संख्या में गांव की महिला-पुरुषों ने एकत्रित होकर रेवाड़ी-कोसली मार्ग पर पहुंची और सड़क पर अवरोधक डाल दिया। जाम के कारण मार्ग पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। मौके पर पहुंची पुलिस व आबकारी अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण ठेका हटवाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद मौके प र पहुंचे कोसली एसडीएम जयप्रकाश ने ग्रामीणों को समझाकर जल्द समाधान का आश्वासन दिया। उसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।
वर्जन
ग्रामीणों को समझा दिया गया है। ग्रामीणों की मांग काे संबंधित विभाग के पास अग्रिम कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा। ग्रामीणों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-जयप्रकाश, एसडीएम कोसली।
औलांत में भी ग्रामीण जताया चुके हैं एतराज
गांव औलांत में ग्रामीणों ने बुधवार शाम को शराब ठेका खोले जाने का विरोध किया था। सभी ग्रामीण शराब ठेका के सामने पहुंचकर बंद कराने का प्रयास किया। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर शांत किया। उसके बाद फैसला किया गया कि ग्राम पंचायत द्वारा इसके विरोध में प्रस्ताव पास कर डीसी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। अगर उसके बाद भी शराब के ठेके को बंद नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर शराब ठेका है, उधर से सभी ग्रामीणों विशेषकर महिलाओं का आवागमन रहता है। इसलिए यहां से ठेका हटाया जरूरी है।
प्रागपुरा में शराब का ठेका हटवाने के लिए सौंपा ज्ञापन
रेवाड़ी। इससे पूर्व गांव प्रागपुरा में शराब का ठेका खोले जाने के विरोध में सरपंच सहित अन्य ग्रामीण डीसी से मिलने पहुंचे और शराब ठेका हटवाने की मांग की। ग्रामीणों ने डीसी को ज्ञापन भी सौंपा। सरपंच अमरसिंह बताया कि उनके गांव में शराब का ठेका नहीं खुलने की परंपरा काफी सालों से चली आ रही है। आज तक उनके गांव की सीमा में शराब का ठेका नहीं खुला है। पिछली पंचायतें हर साल पंचायत में एक प्रस्ताव पास कर आबकारी एवं कराधान विभाग को ठेका छूटने से पहले ही पहुंचा देती थी। ग्रामीण बीर सिंह, जीतू, रामकिशन, ख्यालीराम, सुरेन्द्र सिंह, गंगाराम आदि ने बताया कि पिछले 2 साल से उनकी पंचायत का चार्ज खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के पास था। इसकी वजह से पंचायत इस बार ठेका नहीं खोलने का प्रस्ताव समय पर विभाग को नहीं दे पाई थी।