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Rewari News: उदासीनता की भेंट चढ़ी अमृत सरोवर योजना

Fri, 12 Jan 2024 10:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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राजगढ़। अमृत सरोवर योजना के तहत गांवों के तालाबों के दूषित पानी को शुद्ध कर उसे पीने योग्य बनाने का उद्देश्य जिले में पूरा नहीं हो पाया है। पहले चरण में कोसली के गांव दडौली, रेवाड़ी के गांव बालियर खुर्द और खोल के गांव कुंडल में इस योजना का शुभारंभ किया गया लेकिन कहीं तालाबों की हालत खराब है तो कहीं निर्माण कार्य अधूरा है। यह स्थिति विभागीय उदासीनता के चलते है।
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जल संरक्षण के लिए चलाई गई अमृत सरोवर योजना अधिकारियों की उदासीनता की भेंट चढ़ चुकी है। डेढ़ वर्ष पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोनीपत से वर्चुअल अमृत सरोवर योजना का शुभारंभ किया था। इस अवसर पर गांव कुंडल में सहकारिता एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने 1 मई 2022 को अमृत सरोवर योजना का शुभारंभ किया था। प्रथम चरण में कोसली के गांव दडौली, रेवाड़ी के गांव बालियर खुर्द और खोल के गांव कुंडल में इस योजना का विधिवत रूप से शुभारंभ कर ग्रामीणों को जल संरक्षण को लेकर प्रेरित किया गया था। मौजूदा समय में सभी तालाबों की हालत खराब है।

डार्क जोन के खोल ब्लॉक के गांव कुंडल में लाखों रुपये खर्च कर अमृत सरोवर योजना के तहत तालाब का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। डेढ़ वर्ष से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद भी यह योजना पूरी नहीं हुई। जो अधूरा निर्माण हुआ है वह भी निर्माण कसौटी पर खरा नही उतर रहा है। अधूरा निर्माण कार्य हादसों का कारण बना हुआ है। वहीं गंदगी का अंबार लगा है। जो निर्माण हुआ भी था, धीरे-धीरे वह भी खराब होता जा रहा है।
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लोगों को हो रही परेशानी

गांव की मुख्य सड़क के समीप अधूरी योजना के कारण दूषित पानी एकत्रित होने से बदबू फैल रही है। इसको लेकर लोग परेशान हैं। तालाब के लिए खोदे गए गड्ढे में स्कूल में आने वाले छात्र और पशुओं के गिरने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों की मानें तो अधिकारी संज्ञान लेते तो यह योजना बहुत अच्छी साबित हो सकती थी और जल संरक्षण का अच्छा स्रोत बन जाती लेकिन यह योजना अधर में लटक गई है।

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वर्जन ग्रामीण

तालाब के शुभारंभ के समय ग्रामीणों में खुशी थी। उम्मीद थी कि इससे जल का सही उपयोग होने के साथ भूजल स्तर भी ऊपर आएगा लेकिन धरातल पर कुछ भी नहीं हो पाया है। -रामराज सिंह, ग्रामीण।

तालाब के चैंबर की दीवार जमीन में धंस गई। ठेकेदार ने निर्माण में कोताही बरती है। आज तक इनमें पानी की एक बूंद भी नहीं आई। लाखों की चपत साफ नजर आती है।-कर्ण सिंह प्रजापत, ग्रामीण।

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अमृत सरोवर योजना सिरे चढ़ती तो लोगों को लाभ मिलता। खुले पड़े चैंबर स्कूल के बच्चों के अलावा बुजर्गों और जानवरों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। निर्माण कार्य की जांच होनी चाहिए। -मदन सिंह, ग्रामीण।
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वर्जन
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अब जब मामला संज्ञान में आया है तो इस पर अमल किया जाएगा।-संदीप, खंड विकास अधिकारी
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