रेवाड़ी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का दावा रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल में दम तोड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। अस्पताल एवं विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों को दी गई अत्याधुनिक एंबुलेंस रखरखाव एवं चालकों के अभाव में कबाड़ में तब्दील हो रही हैं। स्थिति यह है कि मामूली खराबी के बाद इन्हें न केवल ठीक नहीं कराया गया, बल्कि खड़ा कर दिया गया। इसमें 10 से अधिक एंबुलेंस नागरिक अस्पताल में हैं, जबकि कई अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर धूल फांक रही हैं। दूसरी ओर सरकारी एंबुलेंस नहीं मिलने से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है या फिर निजी एंबुलेंस के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 32 ड्राइवर व 4 एएलएस एंबुलेंस की डिमांड सरकार को भेजी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के पास 29 एंबुलेंस उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें से 4 एंबुलेंस रखरखाव की कमी से कंडम होने के कगार पर पहुंच गई हैं। ऐसे में 25 एंबुलेंस रोड पर दौड़ रही हैं। वहीं भामाशाहों की ओर से नागरिक अस्पताल को भेंट की गई एक एंबुलेंस व 4 बाइक एंबुलेंस दो साल से प्रयोग ही नहीं की जा रही।
खराब इंजन की वजह से सर्विस स्टेशन में खड़ी एंबुलेंस
नागरिक अस्पताल की एक एंबुलेंस इंजन खराबी के चलते सर्विस स्टेशन पर ठीक होने के लिए खड़ी हुई है। इसके साथ ही वर्ष 2020 में इंसाफ मंच की ओर से एक एंबुलेंस भेंट की थी, जो अस्पताल के पार्क में धूल फांक रही है। स्वास्थ्य विभाग अभी तक इस एंबुलेंस के दस्तावेज ही तैयार नहीं करा पाया है। इसके साथ ही शहर की तंग गलियों से मरीजों के आवागमन के लिए हीरो मोटोकॉर्प कंपनी की ओर से 24 अगस्त 2020 को नागरिक अस्पताल को 4 बाइक एंबुुलेंस तैयार कर भेंट की गई थी, जो शुरू से ही नागरिक अस्पताल के एक कोने में खड़ी हैं।
40 चालकों की कमी से जूझ रहा विभाग
स्वास्थ्य विभाग के पास मौजूद 29 एंबुलेंसों के लिए 8-8 घंटे की ड्यूटी के हिसाब से 90 चालक होना जरूरी है, लेकिन फिलहाल 70 चालक ही हैं। हालांकि विभाग की ओर से 40 चालकों की मांग की हुई है।
ऐसे लगाए हैं चालक
फिलहाल कार्यरत चालकों में एनआरएचएम के तहत 33, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन 18 व कौशल योजना के तहत 19 चालक शामिल हैं। जबकि कौशल के तहत फरवरी माह में 32 ड्राइवरों की नियुक्ति होनी है।
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वर्जन:
जिले में एंबुलेंस की कोई कमी नहीं है। कुछ एंबुलेंस खराब हैं, जिन्हें जल्द ही ठीक करा दिया जाएगा। साथ ही कुछ दानवीरों द्वारा दी गई एंबुलेंसों को भी ठीक करा दिया जाएगा। जिले के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- डॉ. जयभगवान जाटान, सिविल सर्जन, रेवाड़ी