देश के बड़े जंक्शनों में शामिल रेवाड़ी जंक्शन से जयपुर जाने का समय अब दो घंटे का रह जाएगा। रेवाड़ी से अलवर के बीच इलेक्ट्रिक लाइन का काम लगभग पूरा हो चुका है और अलवर से जयपुर के बीच भी काम शुरू हो गया है। रेलवे की ओर से रेवाड़ी से वाया जयपुर, अजमेर, पालपुर होकर अहमदाबाद तक विद्युतीकरण किया जाना है।
ऐसे में काम पूरा होने के बाद इस ट्रैक पर गाड़ियां 130 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से ट्रेनें फर्राटा भरने लगेंगी। 225 किलोमीटर दूर जयपुर भी रेवाड़ी से दो घंटे में लोग पहुंच सकेंगे। यहां यह भी बता दें कि रेवाड़ी से नारनौल-रींगस-फुलेरा और रेवाड़ी से हिसार के बीच भी इलेक्ट्रिक लाइन का काम किया जाएगा।
नारनौल-रींग-फुलेरा लाइन पर काम शुरू भी हो चुका है। रेवाड़ी से दिल्ली इलेक्ट्रिक लाइन का प्रोजेक्ट भी पाइप लाइन में बताया जा रहा है। यदि सभी लाइन इलेक्ट्रिक हो गई तो रेवाड़ी से राजस्थान की राजधानी जयपुर ही नहीं बल्कि देश की राजधानी दिल्ली के अलावा हिसार, रींगस आदि भी नजदीक हो जाएंगे। इतना ही नहीं अहमदाबाद व मुंबई जाने वालों का भी काफी वक्त बचेगा।
विद्युतीकरण होने से बढ़ जाएगी ट्रेनों की गति
अलवर से जयपुर एवं अहमदाबाद तक इलेक्ट्रिक लाइन यह काम 2018 तक पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है। रेवाड़ी से अलवर के बीच 75 किमी. की दूरी का काम जहां पूरा हो चुका है, वहीं अलवर से जयपुर के बीच की 155 किमी की दूरी में भी विद्युतीकरण का काम के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है। बता दें कि गुजरात के रानी जंक्शन से लेकर अलवर तक की 485 किमी लाइन का काम तीन हिस्सों में होना है।
उधर पालनपुर एवं अहमदाबाद के बीच का काम भी 2017 तक पूरा होने की संभावना है। इस ट्रैक का विद्युतीकरण होने का सबसे बड़ा फायदा इस रूट पर डेली यात्रा करने वालो पैसेंजर को होगा। रेवाड़ी-जयपुर के बीच में अब पहले से कम समय लगने के साथ ही यहां पर कारोबारी माहौल में भी तेजी आएगी। विशेषज्ञों की माने तो डीजल इंजन की स्पीड जहां 100 किमी प्रति घंटा की वहीं विद्युतीकरण होने से यह स्पीड बढ़कर 130 किमी प्रति घंटा तक पहुंच जाएगी।
2018 तक मिलेगी पैसेंजरों को गति
जिन देशों में ट्रेनों की गति ज्यादा है,वहां पर लोग पांच सौ किलोमीटर तक की दूरी से डेली आते-जाते हैं। लेकिन भारत में स्पीड बहुत कम होने के कारण लोग छोटे शहरों से निकलकर बड़े शहरों में रुकना पड़ता है,इसका सबसे ज्यादा नुकसान यह होता है कि शहरों में जनसंख्या दवाब बहुत अधिक रहता है। अभी तक अहमदाबाद एवं मुंबई के बीच तो लाइन का विद्युतीकरण है, लेकिन दिल्ली एवं अहमदाबाद ट्रैक पर यह काम पूरा होने से इनके बीच पड़ने वाले शहरों को खासा फायदा होगा।
वर्जन
रेवाड़ी से अहमदाबाद इलेक्ट्रिक लाइन का चल रहा है। अलवर-रेवाड़ी का काम लगभग पूरा हो चुका है। बाकी के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। अजमेर-पालनपुर पर भी काम शुरू हो गया है। अगले दो साल में यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा।
तरुण जैन, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर पश्चिम रेलवे