रेवाड़ी। ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए रविवार को भी कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में किसानों की लंबी कतार लगी रही। विभिन्न गांवों के 950 किसानों ने फसल मुआवजा के लिए आवेदन किया है। जिले में अभी तक 10 हजार से अधिक किसानों ने ओलावृष्टि से हुई नुकसान की भरपाई के लिए आवेदन किया है।
बता दें कि ओलावृष्टि से फसलों को 60 फीसदी तक नुकसान का अनुमान है। बारिश और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलें चौपट हो गई हैं। इस साल जिले में 75 हजार हेक्टेयर में सरसों और 38 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की खेती की गई है। किसानों ने बताया कि सरसों के दाने काले पड़ने से गुणवत्ता घटेगी। जो सरसों की फसल कटाई के बाद खेत में सूख रही थी उसका दाना भी खेत में ही रह जाएगा। जिससे फसल में काफी अधिक मात्रा में पैदावार पर असर पड़ेगा। किसानों के मुताबिक फसल में 60 फीसदी से ज्यादा नुकसान है। हालांकि कृषि अधिकारियों का 40 से 50 फीसदी नुकसान का अनुमान है। गांव गोलियाका में भी खेतों में पानी भरने से काटी हुई सरसों डूब गई।
दस हजार से ज्यादा किसानों ने किए आवेदन
जिले में अभी तक दस हजार से ज्यादा बीमा कराने वाले किसानों के आवेदन आ चुके हैं। आवेदन पूरे होने के बाद सभी का विवरण बीमा कंपनी के पास भेजा जाएगा। कंपनी द्वारा सभी किसानों को खराब हुई फसल का मुआवजा दिया जाएगा।
- डॉ. अनिल कुमार, खंड कृषि अधिकारी रेवाड़ी।