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Rewari News: 10 दिन के अंदर 90 केस मिले, अस्पतालों में दम तोड़ने लगी व्यवस्थाएं

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रेवाड़ी। जिले में डेंगू ने पूरी तरह से पैर पसार दिए हैं। इसके कारण नागरिक अस्पताल समेत शहर अन्य अस्पतालों में अब व्यवस्था लड़खड़ाने लगी है। सोमवार को अवकाश होने के कारण स्वास्थ्य विभाग की ओर से 82 लोगों के सैंपल लिए गए हैं, जिनमें डेंगू के सात केस मिले हैं। अब डेंगू पॉजिटिव मरीजों की संख्या 228 पहुंच गई है। वहीं विभाग की ओर से अभी तक कुल 2700 लोगों के सैंपल लिए गए हैं। अभी 24 डेंगू संक्रमित मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। हालांकि 48 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी भी दी जा चुकी है। हालात इस कदर खराब है कि सितंबर के 10 दिन के अंदर ही 90 केस मिल चुके हैं। सबसे ज्यादा खतरा शहर में बना हुआ है। क्योंकि अभी तक मिले डेंगू मरीजों में 53 प्रतिशत यानी 121 केस अकेले शहर के अंदर ही मिले है।
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दो टीमों ने किया फीवर मास सर्वे, 15 को थमाया नोटिस
सोमवार को जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अमित यादव व हेल्थ इंस्पेक्टर बिरेंद्र सिंह ने दो स्वास्थ्य टीमों का गठन किया। दोनों टीमों ने मोहल्ला विजयनगर व सेक्टर-तीन में मलेरिया पॉजिटिव केस का फीवर मास सर्वे किया। इस दौरान टीम ने घर-घर जाकर कूलर, पानी की टंकी, होदी, गमले, फ्रिज की ट्रे, टायर, छत इत्यादि चेक किए, जिसमें जहां-जहां लार्वा पाया गया वहां लोगों को टीम की ओर से 15 लोगों को नोटिस जारी किया गया। इस दौरान टीम ने अलग-अलग जगहों पर 77 ब्लड स्लाइड्स बनाई। इस मौके पर वीरेंद्र सिंह, रमेश कुमार, सुरेश कुमार, विनोद कुमार, धर्मवीर सिंह, सुनील कुमार आदि टीम के सदस्य मौजूद रहे।
तेजी से बढ़ रहे डेंगू के केस

इस बार डेंगू के फैलाव में सबसे बड़ा कारण घरों में रखे कूलर, गमले व टैंक की नियमित सफाई नहीं होना पाया गया है। चेकिंग में लगी स्वास्थ्य विभाग की टीमें जब घरों में पहुंची तो सबसे ज्यादा लार्वा कूलर में ही पाया गया। जिले में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अभी तक चार हजार 130 लोगों को लार्वा पाए जाने पर नोटिस दिए जा चुके है। जिले में डेंगू का पहला केस पांच जुलाई को मिला था। उसके बाद 100 केस पूरे होने में 52 दिन का समय लगा और 200 केस का आंकड़ा छूने में अगले 14 दिन ही लगे। अभी सितंबर के 20 दिन बांकी हैं। ऐसे में डेंगू के मरीजों का पिछले कुछ सालों का रिकॉर्ड भी टूट सकता है। हालांकि डेंगू का खतरा नवंबर माह तक बना रहता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
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विभाग के पास सिर्फ एक मशीन

डेंगू की रोकथाम के लिए सबसे जरूरी फॉगिंग है। पहले स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सभी जगह फॉगिंग की जाती थी, लेकिन अब शहरी क्षेत्र में फॉगिंग का जिम्मा नगर परिषद को दिया हुआ है। नगर परिषद के पास सिर्फ एक ही फॉगिंग मशीन है। ऐसे में अगर किसी क्षेत्र से डिमांड की जाती है तो ही वहां फॉगिंग कराई जाती है। वहीं स्वास्थ्य विभाग केस मिलते ही फॉगिंग के लिए मशीन भेजता है। विभाग की दो में से एक मशीन खराब पड़ी है।
शहर में मिल रहे ज्यादा केस

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अभी तक रेवाड़ी शहर में सर्वाधिक 121 केस मिले हैं। इसके अलावा सीएचसी बावल में 36, सीएचसी मीरपुर में 30, सीएचसी गुरावड़ा में 21, सीएचसी खोल में 13 और सीएचसी नाहड़ क्षेत्र में सात मामले मिल चुके हैं।



जिले में डेंगू के बढ़ते मामलों के चलते लोगों को एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है। जहां-जहां डेंगू व मलेरिया के केस मिल रहे हैं, वहां टीमें बनाकर ब्लड स्लाइड्स बनाई जा रही है। वहीं जगह-जगह फॉगिंग करवाई जा रही है। लोगों से अपील है कि आसपास पानी को इकट्ठा न होने दें। डेंगू का मच्छर साफ पानी में पैदा होता है।
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-डॉ. अमित यादव, मलेरिया नोडल अधिकारी, रेवाड़ी
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