रेवाड़ी। सीटू के उप प्रधान रामकुंवर ने कहा कि सरकार ग्रामीण सफाईकर्मियों, चौकीदारों और ट्यूबवेल ऑपरेटर के मोबाइल एप से हाजिरी लगाकर सरपंच को वेतन भुगतान का बिल बनाने का अधिकार देकर कर्मियों को शोषण के दलदल में धकेलना चाहती है। इसको सीटू किसी भी सूरत में सहन नहीं करेगी। ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था के खिलाफ 7 मार्च तक जिला और ब्लॉक स्तर पर धरने आयोजित होंगे।
उन्होंने कहा कि भाजपा समर्थित सरपंच एसोसिएशन की मांग पर मुख्यमंत्री ने एप में ऑनलाइन हाजिरी लगाकर मानदेय भुगतान का बिल बनाने का अधिकार सरपंच को देने का निर्णय कर्मचारी विरोधी है। हरियाणा में किसी भी चुने हुए प्रतिनिधि को किसी कर्मचारी की हाजिरी लगाने का अधिकार नहीं है तो सफाई कर्मियों, चौकीदारों और जल कर्मियों का बिल बनाने का अधिकार सरपंच को क्यों दिया जा रहा है। इससे हर रोज गांव स्तर पर पंचायतों और कर्मचारियों के बीच झगड़े पैदा होंगे और कर्मी गुलाम बनकर रह जाएंगे। प्रदर्शन को सर्व कर्मचारी संघ जिला प्रधान धनराज ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा की सरकार आए दिन नए नए फरमान जारी करती है।