रेवाड़ी। रेवाड़ी में बिजली के लगे ट्रांसफार्मर। संवाद
रेवाड़ी। गर्मी के दस्तक देते ही जिले में बिजली की मांग बढ़ने लगी है। 24 घंटे के दौरान रोजाना 65 लाख यूनिट बिजली की खपत हो रही है। जोकि इस सीजन में अभी तक की सबसे अधिक खपत है। पिछले सप्ताह को 60 लाख यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई थी।
सामान्यतः मार्च के पहले सप्ताह में बिजली की खपत 60 लाख यूनिट प्रतिदिन के आसपास रहती है। गर्मी के चलते लोगों ने पंखे चलाना आरंभ कर दिया है। अगर मौसम में कोई बदलाव नहीं होता है तो अगले सप्ताह तक बिजली की खपत 75 लाख यूनिट प्रतिदिन को पार करने की संभावना है। अगर शाम के 7 से 8 के बीच में यानी 1 घंटे के लिए बिजली बंद की जाती है तो शहर में 32 मेगावाट बिजली की बचत होगी। पूरे जिले की बात करें तो 300 मेगावाट बिजली 1 घंटे में बचाई जा सकती है। अक्सर देखने को मिलता है कि लोग बेवजह भी बिजली खर्च करते हैं। इस वजह से लोड बढ़ता है और अघोषित कट लगते हैं।
इंसेट
निगम ने मजबूत किया है आपूर्ति सिस्टम
गर्मी के मौसम में जिले में बिजली की खपत 90 लाख यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच जाती है। इसके कारण ओवरलोडिंग की समस्या भी बढ़ जाती है। हालांकि पिछले एक डेढ़ साल के दौरान बिजली निगम की तरफ से आपूर्ति सिस्टम को मजबूत करने के लिए कार्य किया जा रहा है। निगम ने इस वर्ष माडल टाउन स्थित 33 केवी सब स्टेशन, 66 केवी धारूहेड़ा सब स्टेशन, 132 केवी बावल सब स्टेशन सहित कई केंद्रों में ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई है।
वर्जन
शाम 7 से 8 बजे तक के लिए बिजली आपूर्ति बंद की जाती है तो शहर में 32 मेगावाट बिजली की बचत होगी। पूरे जिले की बात करें तो 300 मेगावाट बिजली 1 घंटे में बचाई जा सकती है।-अरुण यादव, एसएसई, बिजली निगम रेवाड़ी।