संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। भागदौड़ भरी जिंदगी में धूम्रपान, शराब की लत और खराब दिनचर्या के चलते दिल के रोगी बढ़ रहे हैं। हार्ट अटैक, हाईपरटेंशन, हाई बीपी, धड़कन ज्यादा होने से पीड़ित 600 मरीज हर माह सिविल अस्पताल में उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं।
हृदय रोग विशेषज्ञ के अनुसार हार्ट अटैक सबसे अधिक 60 से 70 साल के बुजुर्गों को हो रहा है। पीड़ितों में बुजुर्गों की संख्या ज्यादा होती है, लेकिन अब 20 से 30 वर्ष की उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे युवाओं की संख्या 15 प्रतिशत तक होती है। डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि पिछले कुछ समय से सडन कार्डियक के मामले भी युवाओं में देखने को मिल रहे हैं। इसका मुख्य कारण आनुवांशिक के साथ खराब दिनचर्या है। बताया कि ब्लड शुगर व ब्लड प्रेशर को संयमित रखना चाहिए। स्वच्छ ताजे फल खाने नमक का इस्तेमाल कम करने, मोटापे पर नियंत्रण करने और संयमित आहार व विहार से हृदय रोग से बचाव किया जा सकता है।
बताया कि हृदय रोगी शहर के सिविल अस्पताल में ईसीजी, एक्सरे, बीपी, लिक्विड प्रोफाइल, सीबीसी, यूरिन और ब्लड की जांच करा सकते हैं। ईसीजी से हृदय से संबंधित रोग का पता कर सकते हैं।
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हृदयघात के सबसे बड़े कारण
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि हार्ट अटैक के बड़े कारणों में धूम्रपान के साथ ही हाई ब्लड शुगर और हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) है। युवाओं में बदलती लाइफ स्टाइल भी लोगों में इस बीमारी के बढ़ने का एक कारण है। अनियमित खान-पान, अत्याधिक वसा युक्त भोजन, ज्यादा घी, मक्खन आदि का इस्तेमाल भी हार्ट अटैक जैसी समस्या का एक मुख्य कारण है।