रेवाड़ी। कृषि और किसान कल्याण विभाग की ओर से अनुसूचित जाति के किसानों को 45 एचपी और इससे अधिक क्षमता के ट्रैक्टर पर एक लाख का अनुदान दिया जा रहा है। इसके लिए किसान 11 मार्च 2024 तक विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस स्कीम का लाभ उठाने के लिए किसान का मेरी फसल मेरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और किसान के स्वयं के नाम भूमि होना अनिवार्य है।
डीसी राहुल हुड्डा ने बताया कि कृषि और किसान कल्याण विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम वर्ष 2023-24 के तहत 9 प्रकार के कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध करवाने के लिए विभागीय पोर्टल ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। इसके बाद उपमंडल अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कार्यकारिणी कमेटी द्वारा 47 किसानों का चयन किया गया था। सरकार द्वारा अधिकृत विक्रेता से अपने कृषि यंत्र खरीदने के बाद कार्यालय में बिल जमा कराने वाले 47 चयनित किसानों के कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन जिलास्तरीय कमेटी द्वारा किया गया।
इसके बाद 47 किसानों को कृषि यंत्रों पर 53 लाख 61 हजार रुपये की अनुदान राशि सीधे खातों में भेजी गई। इस स्कीम के तहत 41 किसानों ने सुपर सीडर मशीन खरीदी जिनकी अनुदान राशि 43 लाख 5 हजार रुपये, 4 किसानों को रीपर बाइंडर मशीन खरीदने पर अनुदान राशि 1 लाख रुपये, और 2 किसानों को जीरो सीड कम फर्टिलाइजर ड्रील मशीन खरीदने पर अनुदान राशि 56 हजार उपलब्ध करवाई गई। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा धान कटाई के बाद धान के अवशेषों को मशीनों की सहायता से मिट्टी में मिलाने पर किसानों को 1000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध करवाई जाती है। फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम के तहत धान अवशेषों को मिट्टी में मिलाने से मिट्टी की उर्वराशक्ति बढ़ती है। धान फसल के अवशेष प्रबंधन के लिए 1000 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से 68 किसानों को 2 लाख 63 हजार 578 रुपये प्रोत्साहन राशि सीधे किसानों के खातों में डाली गई।