नाई वाली चौक के पास पुरानी सब्जी मंडी में खुली दुकानें।
रेवाड़ी। जिले की सब्जी मंडियां शनिवार को पूर्ण रूप से बंद रहीं। हड़ताल की वजह से सभी सब्जी मंडियों को मिलाकर करीब 50 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ है। पूरे जिले में करीब 80 के आसपास आढ़ती हैं। जिले में बिठवाना, बावल, कोसली व धारूहेड़ा में सब्जी मंडियां बनाई गई हैं। वहीं, सब्जी मंडियों में करीब 200 के आसपास दिहाड़ी मजदूर कार्य करते हैं। दूसरी तरफ शहर की सब्जी मंडी सुचारू रूप से चलती रही। दरअसल, यह सब्जी मंडी फुटकर विक्रेताओं की है। यहां पर रेहड़ियां आदि लगाकर सब्जी व फल बेचे जाते हैं। शहर की सब्जी मंडी 4 किलोमीटर दूर गांव बिठवाना में है। जहां पर आढ़ती बैठते हैं। कई लोगों ने तो हड़ताल की बात सुनते हुए पहले ही सब्जी खरीद कर रख ली थी। 21 दिसंबर को भी आढ़तियों ने मार्केट फीस और एचआरडीएफ वापसी की मांग पर हड़ताल पर जाने का फैसला लिया था। आढ़तियों का कहना है कि उनकी दो मांगों के लिए वह पहले भी सरकार के समक्ष अपनी बात रख चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से मांगों को मानने का आश्वासन दिया था। अभी तक उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जहां सरकार मार्केट फीस को कम करने के मान गई थी। आढ़तियों की मांग थी कि मार्केट फीस को पूरी तरह से माफ कर दिया जाए। इसके लिए एसोसिएशन पिछले दो वर्षों से जुटी हुई है। आढ़तियों का कहना है कि कोरोनाकाल के दौरान सरकार की ओर से मंडियों पर मार्केट फीस लगाई गई थी, लेकिन सरकार ने उन्हें कहा था कि हालात सुधरने के बाद इसे वापस ले लिया जाएगा, लेकिन अभी तक भी इस फीस को वापस नहीं लिया है।
पहले विरोध के बाद फैसला हुआ था वापस
सरकार ने 2021 और 2022 में भी मार्केट फीस लेने का फैसला किया था, लेकिन तब विरोध के कारण इसे वापस ले लिया था। मार्केटिंग बोर्ड को चलाने के लिए साल में 15 करोड़ रुपये की जरूरत होने की बात कही गई थी। तब तय हुआ था कि 11000, 21000 और 51000 के तीन स्लैब बनाकर लाइसेंस फीस वसूली जाएगी। गांव व देहात के आढ़ती से 11000 रुपये, जिले की मंडियों में काम कर रहे आढ़ती से 21000 और शहरों में मंडियों के आढ़ती से 51000 रुपये लेने का फैसला हुआ था। इससे सरकार को साल में 17 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिलना था, लेकिन अब तीन लाख रुपये की फीस देने वाले आढ़तियों की फीस 50 प्रतिशत बढ़ाकर 4.50 लाख रुपये कर दी गई है। इसी तरह साल में 2 लाख रुपये की लाइसेंस फीस देने वालों की फीस बढ़ाकर 3.25 लाख रुपये कर दी गई है। सभी केटेगरी में फीस 40 प्रतिशत बढ़ाई गई है और 15 दिसंबर से इसकी वसूली करने के निर्देश दिए गए थे। आढ़तियों के मुताबिक एक साल की लाइसेंस फीस एडवांस में मांगी जा रही है जोकि गलत है।
राज्य एसोसिएशन के आह्वान पर जिले में हड़ताल का ऐलान किया गया था। अगर फैसला वापस नहीं लिया गया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
हंसराज पोसवाल, प्रधान, सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन