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Rewari News: हेपेटाइटिस सी के 50 मरीज मिले, 28 स्वस्थ होकर घर लाैटे

Sun, 28 Jul 2024 02:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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फोटो: 15रेवाड़ी। शहर के सर्कुलर रोड ​स्थित नागरिक अस्पताल। संवाद
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रेवाड़ी। हेपेटाइटिस एक ऐसी बीमारी है, जिससे लीवर सिरोसिस सहित अन्य बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है। राहत की बात है कि हेपेटाइटिस बी और सी का इलाज अब नागरिक अस्पताल में संभव है।
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जागरूकता के लिए ही 28 जुलाई को विश्व हेपेटाइटिस दिवस मनाया जाता है। नागरिक अस्पताल में इस वर्ष अब तक करीब 50 मरीज हेपेटाइटिस सी के मरीज आ चुके हैं, जिनमें 28 लोग ठीक हो चुके हैं। 22 मरीजों का इलाज चल रहा है। इसके अलावा हेपेटाइटिस बी के 17 लोगों का इलाज चल रहा है।
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. गौरव यादव ने बताया कि पहले जिले में बीमारी का इलाज लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में कराना पड़ता था। इसमें एक महीने का खर्चा करीब 50 हजार रुपये आता था। हेपेटाइटिस बी की जांच के लिए मरीज को 7 हजार रुपये और हेपेटाइटिस सी की जांच के लिए 6 हजार रुपये देने होते थे। अब इस बीमारी के इलाज की सुविधा नागरिक अस्पताल में हो गई है।
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शराब का सेवन करने वाले रहें सावधान
डॉ. गौरव यादव ने बताया कि आमतौर पर शराब के शौकीनों को यह बीमारी अधिक होती है। अगर समय पर इलाज कराया जाए तो लोग ठीक हो सकते हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा यादव के अनुसार, गर्भावस्था में हेपेटाइटिस की जांच कराना जरूरी है। इससे जच्चा-बच्चा दोनों की सेहत ठीक रहती है। हेपेटाइटिस वायरस को पांच प्रकार यथा ए, बी, सी, डी और ई के रूप में जाना जाता है। यह लीवर को प्रभावित करते हैं।
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सतर्क रहने की दी सलाह
सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र यादव ने विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर आमजन को जागरूक करते हुए बीमारी से बचाव और सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस एक वायरल बीमारी है। अब हेपेटाइटिस बी और सी का इलाज संभव है। आमजन को इसके बारे में जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि हेपेटाइटिस एक ऐसी बीमारी है, जिससे लीवर सिरोसिस सहित अन्य बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि यह बीमारी किसी भी उम्र में और किसी को भी हो सकती है। हेपेटाइटिस लिवर की सूजन है, ये लिवर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है। ए और ई संक्रमित खाने और पानी से फैलता है, जबकि हेपेटाइटिस बी सेक्सुअल कॉन्टैक्ट से फैलता है। इसके अलावा संक्रमित खून चढ़ाने से भी हेपेटाइटिस का खतरा बना रहता है।
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हेपेटाइटिस के लक्षण
- त्वचा और आंखों का रंग पीला होना।
- मूत्र का रंग गहरा पीला हो जाना।
- अत्यधिक थकान, उल्टी आना।
- पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द।
- भूख कम लगना, बुखार आना।

बचाव के उपाय:
- साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
- टैटू के लिए स्टरलाइज नीडल का इस्तेमाल करें।
- सुरक्षित शारीरिक संबंध बनाएं।
- विशेषकर टॉयलेट से आने के बाद सफाई का ध्यान रखें।
- दूषित पानी पीने से बचें।
- दवाइयों का ओवरडोज न लें।
- शराब, तंबाकू और धूम्रपान की लत से बचें।
- पौष्टिक और सुपाच्य आहार लें, वजन नियंत्रित रखें।
- किसी बीमारी का ट्रीटमेंट ले रहे हैं तो लिवर का भी ध्यान रखें।
- योग, व्यायाम और टहलने की आदत डालें।
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