संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। सिंचाई विभाग की ओर से जेएलएन फीडर, दीवाना डिस्ट्रीब्यूटरी और रेवाड़ी कैनाल की पानी उठाने की क्षमता बढ़ाने का कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण के कार्य के लिए टेंडर हो चुके हैं। पहले चरण का कार्य 2023 और दूसरे चरण का कार्य 2024 तक पूरा कर लिया जाएगा। इस योजना पर 50 करोड़ रुपए खर्च होंगे। ये जानकारी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत जेएलएन फीडर, रेवाड़ी कैनाल, दीवाना डिस्ट्रीब्यूटरी के पुराने इलेक्ट्रो मैकेनिकल उपकरणों को बदलकर पानी की क्षमता में 500 क्यूसेक तक की वृद्धि की जाएगी, जिससे पूरे दक्षिण हरियाणा को लाभ होगा। बताया कि 2590 की संचयी क्षमता वाले 36 पंप बदलकर लिफ्टिंग क्षमता में 500 क्यूसेक की वृद्धि की जानी है। इससे रेवाड़ी सहित महेंद्रगढ़ जिले को भी लाभ मिलेगा। इसके लिए एक सौ पुरानी मोटर बदली जाएंगी, जिससे बिजली की बचत होगी। इसके अलावा 36 पुराने पैनल भी बदले जाएंगे। परियोजना के तहत पुरानी क्रेन और ट्रांसफार्मर भी बदले जाने हैं। इससे पूर्व नहरों को सुधारने और पानी की क्षमता बढ़ाने के लिए 27 करोड़ का बजट मंजूर हो चुका है।
27 करोड़ से होगा नौ नहरों का सुधार
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जिले की नौ नहरों का सुधारीकरण 27 करोड़ की लागत से किया जाएगा। इन नहरों में बावल डिस्ट्रीब्यूटर की करीब 10 किलोमीटर लंबी नहर को साढ़े पांच करोड़ रुपये से सुधारा जाएगा। कमालपुर डिस्ट्रीब्यूटर की करीब 10 किलोमीटर लंबी नहर का कार्य साढ़े पांच करोड़ में पूरा किया जाएगा। झाबुआ डिस्ट्रीब्यूटर की मरम्मत करीब 2 करोड़ रुपये में की जाएगी। किशनपुर माइनर का सुधारीकरण सवा करोड़ रुपये में होगा। भाड़ावास सब माइनर पर करीब 60 लाख खर्च किए जाएंगे। हसनपुर माइनर पर करीब 45 लाख रुपये खर्च की जाएंगे। निखरी डिस्ट्रीब्यूटर के सुधारीकरण पर करीब 7 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। राव ने कहा कि जिले की इन नहरों पर 27 करोड़ खर्च होने के बाद नहरों की पानी की क्षमता बढ़ाई जा सकेगी। इनकी गाद को निकालकर टेल तक पानी पहुंचाने का कार्य सुनिश्चित किया जाएगा।