रेवाड़ी। नगर परिषद सभागार में मंगलवार को समाधान शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान एडीसी अनुपमा अंजलि और नगर परिषद की चेयरपर्सन पूनम यादव ने लोगों की समस्याएं सुनीं। नौ बजे से शुरू होकर करीब 2 घंटे में 40 लोग शिकायत लेकर पहुंचे। एक भी शिकायत का समाधान नहीं होने से एडीसी का पारा चढ़ गया।
एडीसी अनुपम अंजलि ने जब लोगों की समस्याएं सुनीं तो वह खुद भी दंग रह गईं। कारण यह था कि जो लोग समस्या लेकर आ रहे थे काफी समय से परेशान थे। एक परिवादी जब शिकायत लेकर पहुंचा तो एडीसी ने मामले को लेकर नगर परिषद के एमई से जानकारी लेनी चाही, लेकिन एमई फोन पर व्यस्त थे। यह देख एडीसी तमतमा गईं और जमकर फटकार लगाई।
एडीसी ने फोन रख कर सीट से खड़े होने को कहा और तब तक खड़े रहने के आदेश दिए जब तक समस्या पूरी सुन नहीं लीं। इम दौरान ईओ, एक्सईएन और जेई से भी मामले को लेकर सवाल जवाब किए। यह दृश्य देख सभी अधिकारियों ने फोन जेब में डाल लिए। इससे पहले सभी अधिकारी फोन पर ही टाइम पास कर रहे थे।
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शिविर की खानापूरी की गई : विधायक लक्ष्मण
शिविर में विधायक लक्ष्मण सिंह यादव करीब 10 बजकर 50 मिनट पर पहुंचे। जैसे ही वह आए तो लोग शिकायती पत्र देने के लिए पहुंच गए। 20 मिनट तक लोगों की समस्या सुनने के बाद विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि वह किसी वजह से लेट हो गए थे। उनसे पहले शिकायतें 15 से 20 ही सुनी गई थीं। जैसे ही आया 30 से 40 लोग आ गए। इसका मतलब शिकायतें नहीं सुनी जा रही थीं। यह सिस्टम बिल्कुल भी ठीक नहीं है इस पर उन्होंने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई।
विधायक ने अधिकारियों पर सवाल खड़े किए हैं। कहा कि बिल्कुल भी तैयारी नहीं की गई है। इतना शोर हो रहा है कि अगर लोग समस्या भी सुनाएंगे तो आवाज नहीं आएगी। न अधिकारियों के पास माइक लगे हैं। ऐसे में शिविर की खानापूरी की गई है। लक्ष्मण सिंह यादव ने जल्द से जल्द हाल में व्यवस्था बनाने के आदेश दिए हैं।
कई साल से अधिकारियों के चक्कर काट रही हूं। न तो राशन कार्ड है और न ही फैमिली आईडी कार्ड में इनकम कम हो रही है। दो बेटियां हैं। कमाने वाला घर में केवल एक सदस्य है। समस्या को लेकर पांच बार एडीसी के पास जा चुकी हूं। यहां पर भी कहा गया कि समस्या ले ली गई है। केवल खानापूरी हो रही है।-पूनम, रामवास
2 साल से इनकम कम करवाने के लिए चक्कर काट रही हूं। राशन कार्ड भी नहीं बन पा रहा है। काफी समस्या हो रही है। शिविर में आई तो बताया गया कि एडीसी कार्यालय जाना होगा। अधिकारियों के चक्कर लगा लगाकर थक चुकी हूं।-सरोज, धारूहेड़ा
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हाउस टैक्स, बिजली बिल दे रहा हूं। जब नगर परिषद में रजिस्ट्री करवाने के लिए जाता हूं तो बताया जाता है कि आप अनअप्रूव्ड कॉलोनी में हैं। जब अनअप्रूव्ड कॉलोनी में हूं तो टैक्स क्यों लिया जा रहा है।-शमशेर, वार्ड 20