रेवाड़ी। जिले में शनिवार से निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत कार्डधारकों को मुफ्त मिलने वाली इलाज की सेवा नहीं मिल पाएगी।
ऐसा इसलिए क्योंकि जिले के आयुष्मान पैनल पर सभी अस्पतालों ने आयुष्मान योजना के तहत उपचार नहीं करने का निर्णय लिया है। इसे लेकर आईएमए रेवाड़ी के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर व मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन भी दिया है। जिले में करीब 3 लाख 74 हजार कार्ड धारक हैं। जिले के 25 निजी अस्पतालों में इन कार्ड के माध्यम से उपचार चलता है। दरअसल इन अस्पतालों का 5 से 6 करोड़ रुपये का बकाया है। बकाया का भुगतान न होने की वजह से इन अस्पतालों ने कार्डधारकों का इलाज न करने का फैसला लिया है।
आईएमए के पदाधिकारियों का कहना है कि हरियाणा इकाई की ओर से मांगों को लेकर आयुष्मान भारत हरियाणा के सीईओ को पत्र भेजा गया है। कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को भी पत्र लिखा था, लेकिन अब तक भुगतान नहीं किया गया है।
आईएमए बोला- मजबूरी में उठाना पड़ रहा है कदम
आईएमए की आयुष्मान कमेटी के चेयरमैन डॉक्टर राम बाबू यादव ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को योजना से लाभ मिल रहा है। निजी अस्पताल इलाज करते हैं, लेकिन कई माह से भुगतान नहीं हो रहा है। इसलिए निजी अस्पताल बहुत परेशानी में है। इससे 16 मार्च से किसी भी आयुष्मानधारक मरीज का इलाज नहीं करेंगे। आईएमए के सचिव डॉक्टर नीरज यादव ने बताया कि हरियाणा सरकार के साथ हुए समझौते के मुताबिक आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराने आने वाले मरीजों के बिल का भुगतान निजी अस्पताल को 15 दिन के अंदर करना होता है, लेकिन यहां तीन साल बाद भी पैसों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। छह महीने बाद सरकार बिना कारण बताए 70 प्रतिशत कटौती करके भुगतान कर रही है। इस संबंध में कई बार स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों से मीटिंग हुई है, लेकिन पूरी पेमेंट नहीं हो रही है।
ये हैं मुख्य मांगें
पहले अप्रूवल देने के बाद भी भुगतान करते समय 50 से 90 प्रतिशत तक पैसा काट लिया जाता है। इसका कोई औचित्य नहीं है न ही इसके बारे में कोई सुनवाई की जा रही है।
आयुष्मान स्कीम में पिछले छह साल से रेट में कोई उचित बदलाव नहीं किया गया है।
समझौते के मुताबिक बिलों का भुगतान 15 दिन के अंदर सुनिश्चित करना चाहिए। देरी से होने वाले भुगतान पर कानूनन ब्याज दिया जाना चाहिए और बिना कारण भुगतान में कटौती नहीं की जानी चाहिए।
वर्जन
रेवाड़ी में 25 अस्पतालों में आयुष्मान कार्डधारकों का इलाज होता है। 5 से 6 करोड़ रुपये का बकाया है। जो अभी तक नहीं दिया गया है। यह बकाया कई महीनों से है। ऐसे में 16 मार्च से कार्डधारकों का इलाज बंद कर दिया जाएगा।-डॉक्टर दीपक यादव, जिला अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन रेवाड़ी।