रेवाड़ी। बसों से सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में दिन प्रतिदिन गिरावट दर्ज की जा रही है। इसका मुख्य कारण मौजूदा समय में चल रही फसलों की कटाई और लगातार बढ़ रहा तापमान है। अभी गेहूं फसल की कटाई का कार्य चल रहा है। इस कारण 30 फीसदी यात्रियों की संख्या कम हो गई है।
सरसों की कटाई लगभग हो चुकी है। सरसों की कटाई करके किसान मंडी में पहुंच रहे हैं। नौकरीपेशा लोग भी फसल की कटाई में व्यस्त हैं। सामान्य दिनों में करीब 25 हजार यात्री कोसली, बावल, रेवाड़ी और धारूहेड़ा बस स्टैंड से रोडवेज बसों में सफर करते हैं। अभी यात्रियों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिल रही है। इससे अब करीब 17,500 यात्री रोडवेज बसों में सफर कर रहे हैं।
रोडवेज को रोजाना करीब 24 लाख रुपये की आय होती थी, अब राजस्व में भी 30 प्रतिशत की गिरावट हुई है। ऐसा नहीं है कि यात्रियों की कमी होने से रोडवेज को ही नुकसान हो रहा है। रेवाड़ी में रोडवेज बसों की संख्या 148 हैं। प्राइवेट बसों की भी स्थिति ठीक इसी प्रकार की है। मार्च में स्थिति ठीक-ठाक थी, तब रोडवेज बसों में 15 प्रतिशत यात्रियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई थी। कुल मिलाकर फसली सीजन की वजह से दोपहर को बस स्टैंड पर सन्नाटा पसर जाता है। दूसरी तरफ ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या में काफी गिरावट आई है। जहां रोजाना करीब 12 हजार यात्री जनरल टिकट लेकर सफर करते थे, अब उनकी संख्या 9 हजार के करीब रह गई है। (संवाद)
आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या में और आएगी गिरावट
अप्रैल में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। आने वाले दिनों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर जाएगा। कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो गर्मी पड़ने की वजह से भी दिन में सफर करने से बचते हैं। मई, जून, जुलाई यह तीनों ऐसे महीने हैं, जब यात्रियों की संख्या में 50 प्रतिशत तक की गिराव दर्ज की जाती है, क्योंकि इन दिनों में लू चलती है। बरसात के समय में रोडवेज को और ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है।
गर्मी में यात्रियों को चक्कर, उल्टी और घबराहट की आती है दिक्कत
बस में गर्मी लगने का मुख्य कारण बस की छत है। कई बार तपिश इतनी ज्यादा हो जाती है कि बस में एक मिनट रुकना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में बस में लोगों को चक्कर, उल्टी और घबराहट होने लगती है। यही कारण है कि दोपहर के समय में लोग बसों में सफर करना नहीं चाहते हैं। लू चलने के दौरान सफर करना और ज्यादा मुश्किल हो जाता है।
वर्जन
रेवाड़ी डिपो में बसों की कमी थी, वह अब दूर हो रही है। कुछ दिनों पहले भी छह बसें आई थीं। फिलहाल रोडवेज की तरफ से यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए विस्तार किया जा रहा है। किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होने दी जा रही है।
देवदत्त, महाप्रबंधक रेवाड़ी डिपो, रोडवेज