रेवाड़ी। धारूहेड़ा स्थित ऑटो पार्ट्स निर्माता कंपनी लाइफ लॉन्ग में डस्ट कलेक्टर का बॉयलर फटने से झुलसे तीन अन्य श्रमिकों ने भी दम तोड़ दिया है। इससे मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। मरने वाले तीनों श्रमिक बिहार और दिल्ली के रहने वाले हैं। पीजीआई रोहतक में भर्ती 2 से 3 श्रमिकों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
16 मार्च को लाइफ लॉन्ग कंपनी में शाम 5 बजकर 15 मिनट पर डस्ट कलेक्टर का बॉयलर फटा था। इस हादसे में कुल 39 श्रमिक झुलसे थे। पिछले चार दिनों से लगातार श्रमिकों की मौतें हो रही हैं। बीती रात बिहार के जिला सारण के गांव चैनपुर निवासी सल्लू (22) पुत्र हरिंद्र, बिहार के ही जिला मुजफ्फरपुर के सोहिजन धीहम्मा निवासी सूरज मोहन (42) पुत्र शिवकुमार और दिल्ली नाॅर्थ ईस्ट सबोली के नंदनगरी मंडोली निवासी दयाशंकर (42) पुत्र घनश्याम ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
मृतक आश्रितों को सात लाख मुआवजा राशि
कंपनी प्रबंधन ने चौतरफा दबाव के चलते मृतक श्रमिकों के परिजनों को 7 लाख रुपये मुआवजा राशि देने का एलान किया है। वहीं शव को उनके घरों तक पहुंचाने व अन्य खर्च वहन करने पर हामी भरी है।
औद्योगिक विशेषज्ञों से जांच कराने की सिफारिश
सीएम नायब सिंह सैनी ने रेवाड़ी हादसे पर रिपोर्ट मांगी थी। जिला प्रशासन ने यह रिपोर्ट सीएम को साैंप दी है। इसमें औद्योगिक विशेषज्ञों की टीम से मामले की जांच कराने की सिफारिश की है। दरअसल, प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल पर जाकर जांच पड़ताल की तो कंपनी के अधिकारियों ने तकनीकी हवाला देते हुए केवल गुमराह करने की कोशिश की थी।
पुलिस ने केस में बढ़ाई धाराएं
जब हादसा हुआ था तब काफी कमजोर धाराएं लगाई गई थीं। लगातार विरोध के बाद धाराओं में भी अब बदलाव किया जा रहा है। पुलिस ने 304ए व 337 को हटाकर अब 304(2) व 308 की धारा जोड़ी है। इस केस में अब तक तीन बार धाराएं बदली गई हैं।
-प्रशासन ने अपनी जांच रिपोर्ट आगे भेज दी है। अब आगे वरिष्ठ अधिकारी ही इस पर निर्णय लेंगे।
-विकास यादव, एसडीएम, रेवाड़ी।