फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Haryana: देश के 22वें एम्स के निर्माण का रास्ता साफ, रेवाड़ी में टीम ने 189 एकड़ भूमि का लिया कब्जा

Thu, 20 Oct 2022 10:39 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)

सार

माजरा के भालखी में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की टीम पहुंची, अवर सचिव के नेतृत्व में भूमि का निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने एम्स की जमीन व नक्शे का बारीकी से अवलोकन किया।  
विज्ञापन
गांव माजरा में एम्स की जमीन का निरीक्षण करती केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण की टीम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वर्ष 2015 में हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गांव मनेठी में देश के 22वें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का निर्माण करने की घोषणा सरकार की तरफ से की गई थी। उसके बाद यहां जमीन न मिलने के कारण इसे माजरा भालखी में बनाने की योजना तैयार की गई। वीरवार को एम्स के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की टीम ने 203 में से 189 एकड़ भूमि पर कब्जा ले लिया है।

विज्ञापन


केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अवर सचिव अजय कुमार के नेतृत्व में सेक्शन ऑफिसर तनु जस्वानी, एएसओ नीतीश वशिष्ठ व डॉ. नरेश, उप निदेशक चिकित्सा अनुसंधान विभाग हरियाणा व जिला प्रशासन के अधिकारियों की संयुक्त टीम गांव माजरा भालखी पहुंची और एम्स के लिए प्रस्तावित जमीन पर कब्जा लेने संबंधी आवश्यक कार्यवाही पूरी की। इस दौरान उन्होंने एम्स की जमीन व नक्शे का बारीकी से अवलोकन किया। 
मौके पर पहुंचने से पहले डीसी के साथ की बैठक

इससे पूर्व टीम ने डीसी अशोक कुमार गर्ग के साथ कैंप कार्यालय में बैठक की और आगामी रूपरेखा से अवगत कराया। गांव के दौरे के दौरान अधिकारियों की टीम ने एम्स निर्माण समिति के पदाधिकारी जगदीश व ग्रामीणों से भी मुलाकात की और उन्हें बधाई दी।  
विज्ञापन


डीसी ने कहा कि आज का दिन रेवाड़ी जिला के लिए ऐतिहासिक व स्वर्णिम दिन है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह व सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल के सराहनीय प्रयास से एम्स की सौगात मिलने जा रही है, जिसका सीधा फायदा रेवाड़ी के साथ ही साथ लगते प्रदेशों की जनता को भी होगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग को जमीन सौंपने के बाद एम्स के शिलान्यास का रास्ता भी साफ हो गया है। 

अधिकारियों की टीम ने एम्स निर्माण स्थल का लिया जायजा  
डीसी अशोक कुमार गर्ग के निर्देशानुसार जिला प्रशासन की ओर से डीआरओ राकेश कुमार, डीडीपीओ एच. पी. बंसल, तहसीलदार प्रदीप देशवाल, नायब तहसीलदार निशा सहित अन्य संबंधित अधिकारी टीम के साथ रहे। डीआरओ राकेश कुमार ने कहा कि केंद्र व राज्य की टीम एम्स जमीन का कब्जा लेने माजरा भालखी पहुंची है। माजरा एम्स के लिए प्रस्तावित कुल 203 एकड़ जमीन में से 189 एकड़ जमीन का कब्जा दे दिया गया है व शेष जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया अंतिम चरण में चल रही है, जिसे शीघ्र ही पूरा कर केंद्रीय टीम को पूर्ण कब्जा दे दिया जाएगा।

ग्रामीणों के चेहरे खिले, मिठाई खिलाकर किया स्वागत 
एम्स की जमीन का कब्जा लेने के लिए जैसी ही केंद्रीय टीम माजरा गांव में पहुंची ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना न रहा, उनके चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। ग्रामीणों ने केंद्रीय टीम का माजरा गांव में पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया। ग्रामीणों ने अधिकारियों को मिठाई खिलाकर आभार प्रकट किया। केंद्रीय टीम द्वारा ग्रामीणों की मौजूदगी में जमीन पर कब्जा लेने संबंधी आवश्यक कार्यवाही पूरी की गई।

माजरा भालखी एम्स में होंगे 750 बेड 
रेवाड़ी जिला के गांव माजरा भालखी में प्रस्तावित  एम्स में 750 बिस्तर होंगे। इसमें मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज सहित आईसीयू स्पेशलिस्ट व सुपर स्पेशलिस्ट सहित करीब 1500 व्यक्तियों को प्रतिदिन ओपीडी में देखने की सुविधाएं होगी।  इसके अलावा प्राइवेट वार्ड, ट्रॉमा बेड व आयुष बेड की सुविधाएं भी कैंपस में मिलेंगे। कैंपस में नाइट शेल्टर, गेस्ट हाउस, ऑडिटोरियम, होस्टल व रिहायश सुविधाएं भी बनाई जाएंगी। एम्स में स्वास्थ्य सुविधाओं के बढ़ोतरी के साथ मेडिकल एजुकेशन, नर्सिंग और स्वास्थ्य संबंधित रिसर्च अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलेगा।

जुलाई रहा शुभ
इसमें सबसे रोचक बात यह है कि वर्ष 2015 में 4 जुलाई को मुख्यमंत्री ने बावल में आयोजित रैली में मनेठी गांव में एम्स बनाने की घोषणा की थी, लेकिन मनेठी द्वारा दी जाने वाली जमीन अरावली क्षेत्र में आ जाने से वहां एम्स नहीं बन सकता था। इसके लिए माजरा के ग्रामीणों ने पहल करते हुए सरकार को अपनी जमीन चालीस लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से सरकार के नाम करवा दी। करीब 7 साल बाद 7 जुलाई  2022 को इसकी रजिस्ट्री शुरू की गई। जिला प्रशासन ने शनिवार और रविवार को भी ग्रामीणों की जमीन की रजिस्ट्री कर सरकार के नाम की।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें