अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। चैत्र नवरात्रों के छटें दिन मां दुर्गा के छठे स्वरूप को कात्यायनी की पूजा की गई। सुबह से मंदिरों में माता की पूजा के लिए श्रद्धालुओं को लंबी लाइन लग गई। सुबह मां कात्यायनी की पूजा की गई वहीं दोपहर बाद माता की महिला का गुणगान किया गया। महर्षि कात्यायन की कठिन तपस्या से प्रसन्न होकर उनकी इच्छानुसार उनके यहां पुत्री के रूप में पैदा हुई थीं। महर्षि कात्यायन ने सर्वप्रथम इनकी पूजा की थी, इसीलिए ये कात्यायनी के नाम से प्रसिद्ध हुईं। शहर के बारा हजारी स्थित दुर्गा मंदिर, मनसा देवी मंदिर, बड़ा तालाब स्थित प्राचीन देवी मंदिर, माडल टाउन स्थित श्रीकृष्ण मंदिर, बावल स्थित दुर्गा मंदिर, धारूहेड़ा स्थित माता मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं का ताता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर मां कात्यायनी की पूजा की । इस दौरान लोगों ने कन्या पूजन भी किया साथ ही गरीब बच्चों को भोजन भी कराया। मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था के पूरे इंतजाम किए गए वहीं देर शाम शहर के बड़े मंदिरों में कीर्तन का आयोजन किया गया। जहां पर बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल हुई। कीर्तन में मा कात्यायनी की महिमा का बखान करके आरती की गई।