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अस्पताल में रोज आ रहे 20 से 25 मरीज, 169 इंजेक्शन बचे

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बच्चे को इंजेक्‍शन लगाता स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी । - फोटो : Rewari
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रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन की समुचित व्यवस्था नहीं होने से मरीज परेशान हैं। यहां हर रोज कुत्ते और बंदर के काटने के 20 से 25 मरीज आ रहे हैं। मरीजों के लिए पिछले सप्ताह ही वेयरहाउस से ढाई सौ एंटी रेबीज के इंजेक्शन मंगाए गए थे, जिनमें से 169 ही बचे हुए हैं। मंगलवार को भी 26 लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अस्पताल में जनवरी से अब तक 1448 लोगों को इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं। मरीज को 100 रुपये अदा करने पड़ते हैं। जबकि गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले व आयुष्मान कार्ड धारक को इंजेक्शन मुफ्त में लगाया जाता है।
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सामान्य अस्पताल के चिकित्सकों के मुताबिक यह एक सप्ताह का भी स्टॉक अस्पताल में नहीं बचा है। यदि वेयरहाउस से एंटी रेबीज के इंजेक्शन नहीं आए तो मरीजों को बाहर से महंगे दाम में खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। दवाइयों के लिए गुरुग्राम में वेयर हाउस बनाया गया है। सरकार की तरफ से जो दवाइयां वहां पर भेजी जाती हैं, उसके अनुरूप ही वेयर हाउस के अंतर्गत आने वाले जिलों को उपलब्ध कराई जाती है।
फिजिशियन डॉक्टर रणवीर सिंह का कहना है कि कुत्ते और बंदर के काटने पर पहले, 3, 7, 29 और 90 दिन में 5 इंजेक्शन लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पांच इंजेक्शन उस स्थिति में लगाए जाते हैं, जब व्यक्ति को काटने वाला कुत्ता पागल हो या उसकी 10 दिन के अंदर मौत हो गई हो। सामान्यतया मरीज को 3 इंजेक्शन ही लगाए जाते हैं।
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- वर्जन
सामान्य अस्पताल में हर रोज कुत्ते और बंदर के काटने के 20 से 25 मरीज आ रहे हैं। उन्हें एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। अस्पताल में अगर इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हैं तो मरीजों को बाहर से ही लाना पड़ता है।
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- डॉ. जयभगवान, पीएमओ, रेवाड़ी।
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