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129 शैक्षिक प्रमाणपत्र मिले फर्जी, एडीजीपी को लिखा पत्र

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रेवाड़ी/कोसली। शिक्षा क्षेत्र में अब एक और शर्मनाक व चौंकाने वाला प्रकरण सामने आया है। फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर छात्रों के विभिन्न विद्यालयों में दाखिले कराने और उन्हें बोर्ड परीक्षा में उपस्थित कराने का मामला प्रकाश में आया है। इसमें 92 शिक्षण संस्थानों से जुड़े 129 परीक्षार्थियों के शैक्षिक प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के आरोप हैं। जिसके बाद हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी के सचिव ने प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) अपराध जांच विभाग पंचकूला को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच के साथ आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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उधर इस मामले में प्रदेशभर में सबसे पहले जिला रेवाड़ी के थाना कोसली में एक एफआईआर दर्ज हुई है, जिसके बाद जिला शिक्षा विभाग, ऐसे प्रमाणपत्र बनवाने वाले और इनके आधार पर अगली कक्षा में दाखिला लेने और बोर्ड परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है। बता दें, वरिष्ठ माध्यमिक परीक्षा शैक्षणिक सत्र अप्रैल 2021 में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर छात्रों के विभिन्न विद्यालयों में दाखिले कराने और उन्हें बोर्ड परीक्षा में उपस्थित कराने का मामला इसी साल 24 मार्च को उठाया गया।
बोर्ड सचिव ने एडीजीपी अपराध को भेजे गए पत्र में लिखा कि यह मामला माध्यमिक परीक्षा के फर्जी प्रमाणपत्र से संबंधित है। वर्ष/सत्र अप्रैल-2021 में कोरोना महामारी के कारण प्रदेश सरकार/शिक्षा विभाग के आदेश अनुसार बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन नहीं हुआ। जिन अभ्यर्थियों को वरिष्ठ माध्यमिक परीक्षा में पूर्ण विषय के अनुसार सम्मलित होना था। कोरोना महामारी के कारण परीक्षाएं रद्द होने के कारण सरकार/बोर्ड की तय की गई नीति के अनुसार बोर्ड परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थियों का परिणाम घोषित किया जाना था।
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वरिष्ठ माध्यमिक वार्षिक परीक्षा अप्रैल 2021 मे सम्मिलित होने वाले परीक्षार्थी, जिन्होंने माध्यमिक परीक्षा अन्य राज्य के शिक्षा बोर्डों से पास की थी, ऐसे परीक्षार्थियों के परीक्षा की पात्रता से संबंधित दस्तावेज जांचे गए। जांच के बाद यह पाया गया कि कुछ परीक्षार्थियों के माध्यमिक प्रमाणपत्र हरियाणा शिक्षा बोर्ड की माध्यमिक परीक्षा के समकक्ष नहीं हैं अर्थात उपलब्ध कराए गए माध्यमिक प्रमाणपत्र फर्जी हैं। विद्यालयों द्वारा भी ऐसे परीक्षार्थियों को विद्यालयों में प्रवेश के समय परीक्षा की पात्रता से संबंधित दस्तावेज जांच के बाद प्रवेश दिया जाना चाहिए था, जिसकी विद्यालयों ने अपने स्तर पर जांच नहीं की, जो उचित नहीं।
पत्र के अनुसार अब जांच का विषय यह है कि माध्यमिक फर्जी प्रमाण पत्र परीक्षार्थियों को किस माध्यम से उपलब्ध हुए। ऐसे माध्यमों का पता लगाकर उन पर रोक लगाना अति आवश्यक है। इन माध्यमों के प्रलोभनों के कारण परीक्षार्थियों का आर्थिक शोषण और इनके भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रलोभनवश ऐसे माध्यमों का शिकार छात्र भी दोषी हैं, क्योंकि इनके कारण ही ऐसे माध्यमों को बढ़ावा मिल रहा है। जिन विद्यालयों ने नियमों के विरुद्ध जाकर माध्यमिक फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर ऐसे परीक्षार्थियों को अप्रैल 2021 की परीक्षाओं में शामिल कराया था, ऐसे में दोषी परीक्षार्थियों का वरिष्ठ माध्यमिक परीक्षा परिणाम बोर्ड कार्यालय ने रद्द घोषित कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक अप्रैल 2021 में वरिष्ठ माध्यमिक वार्षिक परीक्षा के लिए जिन विद्यालयों ने ऐसे परीक्षार्थियों को परीक्षा में सम्मिलित कराया, उनकी जिलावार सूची संबंधित फर्जी माध्यमिक प्रमाणपत्रों की छाया प्रतियों के विवरण सहित एडीजीपी अपराध को भेज दी गई है। सूची में कुल 92 शिक्षण संस्थानों से जुड़े 129 परीक्षार्थी सूची में शामिल हैं। इन सभी शिक्षण संस्थानों के नामों का उल्लेख कोसली थाने में दर्ज एफआईआर में है।
वर्जन
उच्चाधिकारियों के आदेश पर बोर्ड सचिव की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। यह मामला कोरोना काल से संबंधित है। धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शिकायत के साथ संबंधित की सूचियां भी मिली हैं। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच करेगी।
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- मुकेश कुमार डीएसपी कोसली
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