संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में तीन दिन में डेंगू के 11 नए मरीज मिले हैं। इनमें तीन डेंगू पॉजीटिव वीरवार को मिले। इसके साथ ही जिले में डेंगू पीड़ितों की संख्या 26 से बढ़कर 37 हो गई है। डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग कराई जा रही है।
जिले में सितंबर में बारिश के बाद जलभराव से मच्छरों का प्रकोप हो गया है जिससे डेंगू पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग सक्रिया हो उठा है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिक अस्पताल सहित सभी सीएचसी व पीएचसी में डेंगू मरीजों के लिए वार्ड बनाए हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अमित यादव व हेल्थ इंस्पेक्टर बिरेंद्र सिंह ने गांव नैनसुखपुरा में मिले डेंगू केसों के क्षेत्र का दौरा किया और एक घर में डेंगू से पीड़ित तीन बच्चों से मुलाकात की। फिलहाल बच्चों की सेहत में सुधार है। उन्होंने गांव में दौरा कर मच्छरों के पैदा होने वाले पॉइंट का निरीक्षण किया। जलभराव वाले स्थानों पर काला तेल व टेमीपॉश की दवाई डाली गई। डेंगू पॉजिटिव केसों के आने से सरकारी व प्राइवेट ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स की मांग बढ़ गई है।
टीम कर रही मच्छरों के लार्वा की जांच
डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोर्स रिडक्शन का कार्य किया जा रहा है। ब्रीडिंग चेकर घरों में कूलर, पानी की टंकी, फ्रीज -ट्रे के पानी में मच्छरों के लार्वा की जांच कर रहे हैं। जांच के दौरान मच्छर का लार्वा मिलने पर लोगों को नोटिस भी दिए जा रहे हैं। घरों में मच्छर का लार्वा मिलने पर अभी तक 2250 के करीब लोगों को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। गत वर्ष के डेंगू के 403 के आंकड़ों में सितंबर में ही डेंगू के 196 मरीज मिले थे। गत वर्ष सबसे ज्यादा 213 डेंगू के मरीज अर्बन क्षेत्र में मिले थे। मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग करवाई जा रही है।
डेंगू व मलेरिया के लक्षण
डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है। यह मच्छर दिन में काटता और स्थिर व साफ पानी में पनपता है। तेज बुखार, बदन, सिर एवं जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, त्वचा पर लाल धब्बे या चकत्ते का निशान, नाक-मसूड़ों से या उल्टी के साथ रक्त स्राव और काला पखाना होना डेंगू के लक्षण हैं। मलेरिया का लक्षण मरीज के सिर दर्द होना, शरीर में कंपन, ठंड लगना, थकान, बुखार आना, उल्टी होना, जी मिचलना, चक्कर आना हैं। इन लक्षणों के साथ यदि तेज बुखार हो तो अपना इलाज कराएं।
ऐसे करें डेंगू-मलेरिया से बचाव
मलेरिया हेल्थ इंस्पेक्टर बिरेंद्र सिंह ने बताया कि डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए घर में आसपास साफ-सफाई रखें। ठहरे हुए पानी में काला तेल डालें। घरों के बर्तन, कूलर, पानी की टंकी की सफाई करते रहे, जिससे मच्छरों का लार्वा न पनप सके। डेंगू व मलेरिया के लक्षण होने पर ब्लड की जांच कराकर डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें। ज्यादा से ज्यादा पेय पदार्थ का सेवन करें।