रेवाड़ी। पुलिस को दी शिकायत में गांव लुहाना निवासी धर्मराज ने बताया कि उसके खाते में यूपीआई सेवा बंद थी। इसको चालू करवाने के लिए उसने बैंक के टोल फ्री नंबर पर कॉल कर जानकारी ली। इसी बीच अचानक कॉल कट गई। इसके बाद ही व्हाट्सएप नंबर पर एक कॉल आई और यूपीआई सेवा के चालू कराने के साथ ही लिमिट बढ़ाने के बारे में बता कर पहली बार में 4 लाख 90 हजार रुपये, दूसरी बार में 9 हजार 4673 रुपये और तीसरी बार 4 लाख 95 हजार रुपये खाते में ट्रांसफर करवा लिए। करीब 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी हो गई। साइबर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संवाद