मसानी बैराज की जमीन के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेगी स्वराज पार्टी
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। स्वराज इंडिया पार्टी के संयोजक योगेंद्र यादव की अगुवाई में निकाली जा रही स्वराज यात्रा शनिवार को धारूहेड़ा क्षेत्र में पहुंची। इस मौके पर विभिन्न गांवों में नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया गया। इसमें संयोजक योगेंद्र यादव ने सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति को गलत ठहराया। उन्होंने मसानी बैराज के पट्टेदारों की जमीन को भी राज्य सरकार द्वारा वन विभाग को सौंपे जाने पर हैरानी जताकर कहा कि पार्टी किसानों को उनका हक दिलाएगी। इसके लिए पार्टी कानूनी लड़ाई भी लड़ेगी। योगेंद्र यादव ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसानों की हालत खराब होती जा रही है। वर्तमान में ना तो किसानों के सिर पर पगड़ी है, और न ही उनकी आर्थिक हालत बहुत अच्छी है। बुजुर्गों द्वारा दी गई जमीन ही बची है जिसे सरकार छीनना चाहती है। उन्होंने कहा कि स्वराज इंडिया मसानी बैराज के पट्टेदार किसानों के संघर्ष को कोर्ट में लेकर जाएगा क्योंकि यह जमीन वन विभाग को सौंपना गलत है। स्वराज यात्रा के सातवें दिन कृषि भूमि अधिग्रहण विरोध दिवस के रूप में मनाया गया। मसानी बैराज के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित गांवों का दौरा किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सरकार ने अचानक इस जमीन को वन विभाग को स्थानांतरित कर दिया था। बरसों से इस भूमि में सरकारी पट्टे के आधार पर खेती कर रहे किसानों को अब खेती से रोका जा रहा है। सैकड़ों परिवारों की आजीविका संकट में है। कोलकाता हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील अविक साहा ने कहा की मसानी बैराज के लिए अधिग्रहीत जमीन वन विभाग को स्थानांतरित करना गैरकानूनी है। पदयात्रा सुबह गांव पीथनवास से चल कर ढाणी सांपली होकर आसियाकी पाचौर गांव पहुंची। यूपी से आए जय किसान आंदोलन के सह संयोजक कर्नल जयवीर सिंह ने कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी बहुत हो चुकी है। इसे अब किसान इसे सहन नहीं करेगा। इस अवसर पर कामरेड दलीप सिंह, रविंद्र मालिक, रमन, अनिल यादव, मंजू यादव, रोहिणी, अर्चना श्रीवास्तव, रजत, नीलेश जैन, इंद्रनील, अरुणोदय सिंह, पंकज व परवेज आदि शामिल थे।