संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। प्रदेश सरकार ने अमृत सरोवर के नाम से नई योजना शुरू की है। वन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई इस योजना में मानसून सीजन के समय तालाबों के किनारों पर छायादार और फलदार पौधे लगाए जाएंगे। जिले में इसके लिए 100 गांवों के तालाबों को चयनित किया गया है। इसमें प्रत्येक गांव में कहीं पर 10 तो कहीं इससे ज्यादा पौधे लगाए जाएंगे। जुलाई माह में मानसून सीजन के दौरान इस योजना की शुरुआत कर दी जाएगी।
खास बात रहेगी कि इस योजना में जो पौधे लगाए जाएंगे, उनकी पशुओं आदि से सुरक्षा के लिए ट्री-गार्ड भी लगाए जाएंगे। इसी तरह गांवों के शिव धाम (शमशान घाट) में भी छायादार और फलदार पौधे लगाने की तैयारी है। इस योजना में भी 60 से ज्यादा गांवों को शामिल किया गया है।
कई गांवों में होते हैं कंटीले झाड़-झंखाड़
कई गांवों में देखा गया है कि शिवधाम में कंटीले झाड़-झंखाड़ खड़े होते हैं। ऐसे में जगह को साफ कर वहां छायादार और फलदार पौधे लगाए जाएंगे। इस योजना में रेवाड़ी रेंज में 30, बावल में 22 गांवों के शिवधाम में ये पौधे लगाने की तैयारी है। नाहड़ रेंज में भी कई गांव शामिल हैं। इनमें भी जगह के अनुकूल ही पौधे लगेंगे। यानि 50 से 100 के बीच ये पौधे लगाए जाएंगे।
ऑक्सीवन भी होंगे विकसित
अमृत वन योजना में ही जिले में ऑक्सीवन भी विकसित करने की तैयारी है। वन क्षेत्र बढ़ाने के लिए जिसमें 5 एकड़ जमीन पर छायादार और फलदार पौधे लगाए जाएंगे। ये ऑक्सीवन स्कूल, कॉलेज और स्टेडियमों की जमीन पर विकसित किए जाएंगे। फिलहाल गुर्जर घटाल गांव में यह प्रस्तावित है। मगर अभी पंचायत से प्रस्ताव नहीं मिला। नाहड़ रेंज में जगह की उपलब्धता नहीं मिली है।
तालाबों के चारों ओर से लगेंगे बरगद, नीम और पीपल के पौधे
रेवाड़ी रेंज के रेंजर संदीप सिंह ने बताया कि रेवाड़ी रेंज में 40 गांवों के तालाबों के चारों तरफ बरगद, पीपल, नीम और पिलखण के पौधे लगेंगे। इसी तरह बावल रेंज में 30 और नाहड़ रेंज में भी 30 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें जगह के अनुकूल ये पौधे लगाए जाएंगे। कहीं पर 10 तो कहीं पर 15 पौधे लगेंगे। पशुओं से सुरक्षा के लिए इनके चारों तरफ ट्री-गार्ड भी लगाए जाएंगे। मानसून सीजन में इसे शुरू कर दिया जाएगा। तालाबों के चारों तरफ पौधे लगाने का उद्देश्य है कि पशु-पक्षियों को भी आश्रय मिल जाएगा।
सरकार की ओर से अमृत सरोवर योजना की शुरूआत की गई है। इसके तहत जिले के तालाबों का सुंदरीकरण कराया जाएगा। इसका कार्य शुरू हो चुका है। मानसून सीजन के आने के बाद तालाबों के किनारों पर फलदार एवं छायादार पौधे लगा दिए जाएंगे।
- नरेंद्र गुलिया, एक्सईएन, पंचायती राज विभाग।