संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसे बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के आरोपी को एडिशनल सेशन जज डॉ. चंद्रहास की अदालत ने दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
13 अगस्त 2021 को एक व्यक्ति ने अलेवा थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि कोई अज्ञात उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। मामले की एएसआई जगदीश चौकी नगूरां और महिला एसआई प्रेम कुमारी ने जांच की और लापता नाबालिग लड़की को बरामद कर अदालत में बयान दर्ज करवाए थे। नाबालिग लड़की ने अपने बयान में दनौदा खुर्द निवासी आशीष उर्फ आशु पर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप लगाए थे।
अभियोग में पॉक्सो एक्ट की धारा जोड़ी गई थी। जांच के बाद आरोपी आशीष उर्फ आशु को गिरफ्तार कर अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया था। उसी समय से यह मामला अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को एडिशनल सेशन जज डॉ. चंद्रहास की अदालत ने आशीष उर्फ आशु को दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।