संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। रबी सीजन में सरसों व गेहूं की बिजाई के लिए 10 हजार मीट्रिक टन डीएपी की जरूरत होती है लेकिन अब तक 7200 एमटी डीएपी आई है।
जिले में लगभग 75 हजार हेक्टेयर में सरसों और 35 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई होती है। अब तापमान इसके अनुकूल होने लगा है। किसानों ने खेत तैयार कर दिए हैं। वहीं, शहर की नई अनाज मंडी में डीएपी खाद आने की सूचना पर किसान सुबह के समय ही इफको केंद्र के बाहर आकर बैठ जाते हैं। इस दौरान किसान दोपहर तक डीएपी खाद लेने के लिए जूझते रहते हैं। किसानों की मजबूरी होती है कि उन्हें घंटों लाइन में लगकर डीएपी खाद लेनी पड़ती है। यह समस्या हर साल चलती है। फिर भी प्रशासन की तरफ से कोई भी विशेष इंतजाम नहीं किए जाते हैं ताकि किसानों की समस्या को कम किया जा सके। इफको के क्षेत्रीय अधिकारी आशीष पंवार ने बताया कि जितने भी किसान आते हैं सभी को खाद दिया जा रहा है। खाद की किल्लत का मुख्य कारण पीछे से सप्लाई का कम आना है।