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कस्टम मिलिंग के लिए नहीं करवाएंगे रजिस्ट्रेशन

Wed, 25 Sep 2013 12:20 AM IST
कैथ्ाल
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हरियाणा के जिले कैथल में हरियाणा राइस मिलर्स एंड डीलर्स एसोसिएशन की बैठक मंगलवार को नई अनाज मंडी में एसोसिएशन के जिला प्रधान मांगे राम खुरानिया के प्रतिष्ठान पर संपन्न हुई।
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इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मिलर्स के सरकार की ओर से रोके गए प्रदेशभर में लगभग 200 करोड़ रुपये का भुगतान न होने तक मिलर्स सीजन में सीमएआर के चावल के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करवाएंगे।


 बैठक में मांगे राम खुरानिया, हंसराज सिंगला, रामस्वरूप, ढांड से राजेंद्र कुमार, सीवन से नरेश कुमार, सुभाष अग्रवाल, पूंडरी से हरबंस मिगलानी सहित सभी सदस्यों ने भाग लिया। मिलर्स के प्रधान मांगे राम खुरानिया ने कहा कि पिछला भुगतान होने तक वे सीएमआर के चावल के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करवाएंगे।
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सरकार द्वारा वर्ष 2007-08 में दिए गए बोनस के कागजात की मंाग रखते हुए यह राशि रोक ली है। अब सरकार की ओर से वर्ष 2013-14 के लिए पांच लाख रुपये की जगह 20 लाख रुपये की सिक्योरिटी राशि की मांग की है।

 इसे मिलर्स देने में असमर्थ हैं। सरकार से उनकी मांग है कि पिछले वर्ष के अनुसार ही उनसे सिक्योरिटी राशि जमा करवाई जाए। इस बैठक में अश्वनी शोरेवाला, महावीर सिंगला, जोगध्यान गोयल, बाबू राम मित्तल, राजकुमार गर्ग, रामनिवास खुरानिया, पंकज गुप्ता, बिट्टू छाबड़ा, केशव पाल, प्रमोद गर्ग, राकेश, बंटी मिगलानी, नरेंद्र मिगलानी, अनिल खुराना, जगदीश अग्रवाल सहित अन्य मिलर्स ने भाग लिया।

 
विवाद के चलते नहीं हुआ रजिस्ट्रेशन
गुहला-चीका। अब तक किसी भी मिल मालिकों ने हलके में सरकारी धान की कस्टम मिलिंग करने के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करवाई गई।

हर वर्ष इस समय तक अधिकतर राइस मिल मालिक मिलिंग करने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा लेते थे। राइस मिल एसोसिएशन कच्चा के नवनियुक्त अध्यक्ष हंसराज सिंगला ने खुली चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक भुगतान का मामला हल नहीं होता तब तक रजिस्ट्रेशन करवाने का कोई सवाल ही नहीं बनता।

 इसी प्रकार से भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष पाला राम गौड़ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मामले का हल नहीं निकाला और इस झगड़े का असर किसान के ऊपर पड़ता दिखाई दिया तो भारतीय किसान यूनियन आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएगी।
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