हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के शासन काल में हुई प्राइमरी टीचरों की भर्ती को पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट के जस्टिस के. कानन पर आधारित सिंगल बेंच ने बुधवार को इस मामले पर फैसला सुनाया।
हरियाणा सरकार ने पंद्रह नवंबर 1999 में इन भर्तियों के लिए विज्ञापन जारी किया था। इस भर्ती के तहत 3206 प्राइमरी शिक्षकों की बहाली हुई थी।
हरियाणा निवासी विजय कुमार एवं अन्यों ने इस भर्ती प्रक्रिया को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिका में दलील दी गई कि इन भर्तियों में जमकर फर्जीवारा हुआ है।
इसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री समेत कई राजनीतिक हस्तियों ने अपनों को फायदा पहुंचाया है। इस मामले की सीबीआई जांच में पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला दोषी पाए गए हैं।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में ये स्पष्ट किया कि सीबीआई ने जांच में 228 उम्मीदवार सही पाए गए उन्हें इन नौकरियों के लिए दोबारा पात्र समझा जाए। वहीं हाईकोर्ट ने कहा कि अभी तक नौकरी कर चुके लोगों के कोई भी लाभ वापस नहीं लिए जाएंगे।