बाढ़ से जूझ रहे हरियाणा में मौसम विभाग ने बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया था। शनिवार शाम को प्रदेश के मध्य हिस्सों में बारिश हुई है। बारिश से एक और जहां उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के लोगों को बारिश मुश्किल में डाल सकती है। मौसम विभाग के अुनसार हरियाणा में दोपहर बाद सिरसा, हिसार, भिवानी, जींद, कैथल, रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी, गुरुग्राम आदि जिलों में बारिश हुई है।
कैथल से बारिश
जिले में दो दिन बाद एक बिाद फिर से दोपहर चार बजे आसमान में बादल छाए और बारिश की स्थिति बनी। वहीं गुहला चीका क्षेत्र में दोपहर के समय बारिश हुई है। शनिवार को सुबह से ही भीषण गर्मी का प्रकोप जारी था। लोग दोपहर को गर्मी से बचाव के लिए शहर में ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते हुए दिखे। शाम चार बजे आसमान में अचानक बादल छाए और तेज हवा चलनी शुरू हो गई। जिसके बाद बारिश होने स्थिति बनी, लेकिन पांच बजे तक बारिश नहीं हुई। शनिवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
कैथल में छाए बादल। संवाद
कुरुक्षेत्र में फिर शुरू हुई जोरदार बारिश, बढ़ाई चिंता
कुरुक्षेत्र में अभी बाढ़ का पानी कम होना शुरू हुआ था कि शनिवार शाम करीब सवा पांच बजे फिर जोरदार बारिश शुरू हो गई। पहले ही बारिश की मार झेल रहे लोगों की चिंता फिर से बढ़ गई है। सुबह से ही मौसम में बदलाव देखा जाने लगा था।
दोपहर से पहले जहां जिले में कई जगहों पर हल्की बारिश हुई तो शाम को फिर शहर व आसपास के एरिया में जोरदार बारिश हुई। बारिश से फिर जलभराव की आशंका बन गई है।
कुरुक्षेत्र से बाढ़
- शाहाबाद के गांव मोहनपुर-ढकाला के समीप मारकंडा से फिर निकला पानी, 30 गांवों तक पहुंचा
- मारकंडा में फिलहाल बह रहा 22 हजार क्यूसेक पानी।
- कुरुक्षेत्र के अभी भी करीब 200 गांवों में जलभराव, फिर हुई जोरदार बारिश, बढ़ी चिंता
- 30 से ज्यादा गांवो का आपसी संपर्क कटा।
- कुरुक्षेत्र शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव निकासी के चलते दो से तीन फीट तक हुआ कम, मिली राहत।
- सरस्वती फिर रही ओवरफ्लो, शहर के आसपास ही आधा दर्जन जगहों पर टूटे किनारे।
- शहर के शांतिनगर, दीदार नगर के बड़े क्षेत्र से साफ हुआ बाढ़ का पानी, लेकिन अब बीमारी फैलने का बना खतरा।
- अब बड़े स्तर पर बिजली व पानी की सुविधाएं मुहैया कराने पर जोर।
- फिर बदला मौसम तो बढ़ी चिंता, जिला में कई जगहों पर हुई हल्की बारिश
अंबाला में नदियों का जलस्तर हुआ कम, पानीपत में यमुना का पानी खतरे के निशान से नीचे आया
हरियाणा में अब नदियों का जलस्तर धीरे-धीरे घटने लगा है, जिसके कारण लोगों को कुछ राहत मिली है। वहीं, अंबाला में नदियाें का उफान अब न के बराबर है। सभी नदियां अपनी क्षमता से कम चल रही हैं। अब ग्रामीण क्षेत्रों से पानी निकासी प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है। इसके साथ ही 61 गांवों को स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशील माना है। जिसके लिए इन गांवों में 176 टीमों को लगाया गया है। जो लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण करेंगी। लेकिन एनडीआरएफ टीमें अलर्ट पर है।
यमुना का पानी खतरे के निशान से नीचे
पानीपत में यमुना नदी में पानी खतरे के निशान से नीचे आ गया है। यह पानी अब 231. 25 मीटर पर बह रहा है। हथिनी कुंड बैराज से पानी कम छोड़ने पर हालात सामान्य होते जा रहे हैं। नवादा के पास टूटा तटबंध प्रशासन ने बंद कर दिया है। अब तामशाबाद के पास तटबंध के भराव का काम तेजी के साथ चल रहा है। प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। करीब आधा दर्जन गांव के खेतों में अभी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
यमुना का जलस्तर घटने से राहत, फसल पर अब भी आफत
सोनीपत में यमुना का जलस्तर कम होने से राहत मिली है। यमुना का जलस्तर 215.1 मीटर तक आ गया है। हालांकि यमुना क्षेत्र में करीब 13445 एकड़ फसल में पानी भरा हुआ है। जिसमें गन्ने को छोड़कर अन्य फसल में भारी नुकसान हुआ है। यमुना नदी में जलस्तर कम होने से उससे सटे 25 गांवों को राहत मिली है। पानी से चौतरफा घिरे गांव जाजल टोंकी के लोगों को भी राहत है। गांव के रास्तों से पानी का स्तर कम हो गया है। यमुना क्षेत्र में फसलों में काफी नुकसान का अंदेशा है।