हरियाणा के जिले कैथल के हलके पाई में बीज कंपनी के मिलावटी बीज ने गांव सौंगल के एक किसान को फसल के पकने के समय ऐन मौके पर धोखा दे दिया।
एक ही थैली के बीज से खेत में उत्पन्न हुई कई प्रकार के धान को देखकर परेशान किसान देवीदयाल का आरोप है कि कंपनी की लापरवाही के चलते किसान सेवा केंद्र के मार्फत वह लूट गया है।
किसान के अनुसार जब वह फसल खराब होने की शिकायत लेकर बीज बेचने वाली कंपनी व एजेंसी से करता है तो वहां पर उसको सही रास्ता दिखाने की बजाए उसकी खिल्ली उड़ाई जाती है।
किसान का आरोप है कि मिलावटी बीज से साढ़े चार एकड़ में बीजा गया धान अब पकाव के समय नकारा साबित हो रहा है। किसान ने बताया कि उसने कैथल में रेलवे फाटक के पास जींद सड़क स्थित हरियाणा किसान सेवा केंद्र से 1509 किस्म के धान का बीज खरीदा था।
यहां उसको करनाल स्थित एक कंपनी का 1509 किस्म का धान का यह बीज उत्तम बीज कहकर दिया गया था। किसान ने बताया कि उसने यह बीज उक्त किसान सेवा केंद्र से प्रति थैली 250 रुपये किलोग्राम के हिसाब से 1000 रुपये की चार थैली खरीदी थी।
अब उसके खेतों में अकेले 1509 की बजाए 1121, बासमती समेत कई प्रकार का धान उत्पन्न हुआ है। जो धान उत्पन्न हुआ है उसमें 1509 किस्म वर्तमान में पककर तैयार है। 1121 किस्म 1 माह बाद पककर तैयार होगी। उसके कुछ दिन बाद बासमती धान पककर तैयार होगा।
किसान ने बताया कि उत्पन्न हुए कई प्रकार के धान के बीच पके हुए 1509 किस्म के धान के काटने की अहम समस्या खड़ी हो गई है कि वह अब इसे काटे तो काटे कैसे।
कई प्रकार के धान के बीच पके हुए 1509 किस्म के धान को काटने में मजदूरों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। इस संदर्भ में हरियाणा किसान सेवा केंद्र संचालक ओमप्रकाश ने बताया कि बीज परीक्षण आधारित था।
बहुत से किसानों ने संबंधित कंपनी का यह बीज बोया है। सभी खेतों में यह समस्या नहीं है। सौंगल के देवीदयाल के खेतों में कई प्रकार के नहीं केवल 1509 व 1121 किस्म के धान के उगने की शिकायत है। नुकसान की एवज में उसने किसान को एक किस्म के धान की कटाई देने का वायदा किया है।