हरियाणा के कैथल जिले के गांव बंदराना में जय सिंह बेटे और बीएससी प्रथम के छात्र अमन कुमार के शौक ने उन्हें प्राचीन करेंसी का संग्रहकर्ता बना दिया है।
अमन के पास 500 वर्ष पुराना धैले का पैसा से लेकर 300 वर्ष पुरानी पाई भी है। उन्होंने अबतक 50 विभिन्न देशों की सैकड़ों की तादाद में विभिन्न ऐतिहासिक, मुगलकालीन और प्राचीन अंग्रेजों के समय के सिक्के हैं।
अमन ने बताया कि कक्षा सातवीं से ही उन्हें पुराने ऐतिहासिक देशी व विदेशी सिक्कों को जमा करने का शौक चढ़ गया था। धीरे-धीरे यह एक जनून बन गया।
बस फिर क्या था उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ समय पर मिलने पर पुराने सिक्कों को जमा करने का काम शुरू कर दिया। इसके लिए विभिन्न स्थानों के साथ अपने दोस्तों, रिश्तेदारों सहित कई बुजुर्गों से जमा किए।
अमन ने बताया कि इन सिक्कों को देखने के लिए अकसर उसके पास लोगों के फोन आने के साथ घर में लोगों की भीड़ लगी रहती है।
अमन ने बताया कि पुराने ऐतिहासिक सिक्कों को जमा करने का सिलसिला जारी रहेगा और कुरुक्षेत्र में दिसंबर माह में होने वाली गीता जयंती समारोह में ब्रह्म सरोवर पर सिक्कों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी, ताकि लोगों को पुराने सिक्कों के इतिहास के बारे में जानकारी मिल सके।
इन सिक्कों को इकट्ठा करवाने पर अमन के अभिभावकों ने भी पूरा सहयोग किया।