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Panipat News: योग से बदला कई का जीवन, महिला और बच्चे ही नहीं बड़े बुजुर्ग भी आगे

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पानीपत। एक समय लोगों का अटपटा लगने वाला योग आज घर-घर पहुंच गया है। अनुलोम-विलोम का नाम सुनते ही भागने वाले लोग अब सुबह-सुबह पार्कों में फुंकार मार रहे हैं। यही नहीं योग ने कई का जीवन और उनकी शैली को बदल दिया है। वे कई गंभीर बीमारियों से मुक्त हो गए हैं। अब डॉक्टर की बजाय अपना सुबह का कुछ समय योग क्लास को देते हैं। पार्कों में सुबह-सुबह का नजारा इसका सूचक है। खास बात यह है कि पार्कों में लगने वाली क्लास में पुरुषों से अधिक महिलाओं की संख्या होती हैं। वे योग को अपनाकर अपनी दिनभर की थकान उतारने के साथ अपनी गंभीर बीमारियों का भी इलाज खुद कर रही हैं।
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21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हैं। आइए हम आपको ऐसी महिलाओं व पुरुषों से मिलवाते हैं, जाे कभी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त रहते थे। वे योग को अपनाकर खुद स्वस्थ हुए और अब दूसरे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य के टिप्स दे रहे हैं।

कोट्स
घुटनों की बीमारी से मिली राहत
सुखदेव नगर निवासी वीरा गोयल ने बताया कि वह स्कूल में टीचर थीं। घुटनों की बीमारी के अलावा माइग्रेन से ग्रस्त थीं। वे माइग्रेन के चलते लंबे समय तक सोती रहती थीं। मैंने दस साल पहले योग शुरू किया। मैंने योग गुरु बाबा रामदेव की कक्षाएं ज्वाइन की। मैं अब पूरी तरह से स्वस्थ हूं। इसके लिए किसी भी डॉक्टर की दवा नहीं ली। मैं अब दूसरी महिलाओं की बीमारियों का इलाज करती हूं। मेरे पास पतजंलि में राज्य कार्यकारिणी सदस्य की भी जिम्मेदारी है।
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-कोट्स
नियमित योग से पैर की सूजन हुई खत्म
सुखदेव नगर निवासी निधि खुराना ने बताया कि मेरे पैर के तलवे में सूजन आ गई थी। एक बार ऑपरेशन कराने के बाद भी ठीक नहीं हुई। मैं एक दिन कॉलोनी के पार्क में योग कक्षा में गई। यहां अपनी बीमारी के बारे में बताया। मुझे सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर खाने के बारे में बताया और नियमित योग शुरू किया। मैं अब पूरी तरह से स्वस्थ हूं। मैं अब सुबह हर रोज योग करती हूं।


कोट्स
योग से गैस हुई गायब

पचरंगा बाजार निवासी चंचल खुंग्गर ने बताया कि मुझे 15-16 साल से गैस की समस्या थी। डॉक्टर के पास कई बार जांच करा चुकी थी, लेकिन कोई बीमारी नहीं आती थी। मैं गैस की हर रोज गोली खाती थी। मैंने योग के साथ पानी पीकर उल्टा निकालने की क्रिया को अपनाया। कुछ ही दिनों में गैस की गोली छूट गई। मैं अब पूरी तरह से स्वस्थ हूं। अब नियमित रूप से योग कर रही हूं।


कोट्स
नर सेवा को मान ली नारायण सेवा
जिला योगासन एवं स्पोर्ट्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जसमेर सिंह ने बताया कि मैं बीएसएनएल में एसडीओ के पद से 2012 में सेवानिवृत हुआ। नौकरी के दौरान घर से कार्यालय व काम तक लगा रहता था। मैं कई तरह की बीमारियों से घिर गया था। मैं 2005 में देवीलाल पार्क में सैर करने जाता था। यहीं पर योग करना शुरू किया और 2006 में योग गुरु बाबा रामदेव के साथ जुड़ गए। मैंने आज पूजा अर्चना तक छोड़ दी और नर सेवा को ही नारायण सेवा मान ली। मैं एल्डिको, सेक्टर-13-17, 18 व देवी मंदिर में योग क्लास में लगातार जाता हूं।
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