पानीपत। आखिरकार निगम ने हजारों खामियों से भरे याशी के सर्वे को एनडीसी पोर्टल पर लागू करवा ही दिया। सर्वे लागू होते शहर के लाखों लोगों ने सिर पकड़ लिया। करीब 70 हजार प्रॉपर्टियों का डाटा ही गलत फीड कर दिया गया। जो संपत्तियां वैध क्षेत्र में थी, अवैध दिखा दिया गया। जिन्होंने टैक्स भरा, वह शून्य हो गया। जिन्होंने रजिस्ट्री के लिए एनडीसी लेकर तहसील में टोकन लिया था, पोर्टल अपडेट होने से बैरंग लौटना पड़ा। हजारों प्रॉपर्टियों के नाम, पते, क्षेत्र, कैटेगरी और फोटो गलत अपडेट की गई है। दीवाली पर्व पर निकाय ने शहरवासियों की झोली में एक नई मुसीबत दी है।
अफसरों का कहना है कि इस विषय पर मंगलवार को करनाल में मंत्री के साथ बैठक होगी। जिसमें स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी। बैठक में स्पष्ट किया जाएगा कि इस डाटा को सही करवाया जाए। वरना पुराने डाटा को ही अपलोड किया जाए। गौरतलब है कि याशी के सर्वे में शहर में 1.73 लाख संपत्तियां मिली थीं। पहले एजेंसी का दावा था कि उनके डाटा का सिर्फ 30 प्रतिशत हिस्सा ही पुराने डाटा से मैच नहीं हो पा रहा है, लेकिन यह करीब 70 हजार प्रॉपर्टियों का निकला। इस डाटा को पुराने डाटा से मिलाने में निगम कर्मचारी पिछले एक सप्ताह से जुटे हैं। जब डाटा अपडेट नहीं हुआ तो यूएलबी को भेज दिया गया। यूएलबी की ओर से भी बिना मिलान किए डाटा को पोर्टल पर अपडेट कर दिया गया।
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लोगों की मेहनत पर फिरा पानी
जिन लोगों ने अपनी प्रॉपर्टी आईडी निगम में महीनों तक धक्के खाकर बनवाई थी, वह भी बदल गई। जिन्होंने अपनी संपत्तियों के डाटा को ठीक कराने के लिए पोर्टल पर आपत्ति जताई थी, वह भी मिट गई। जिनकी फाइलें लेवल वन और टू पर थी, कभी पोर्टल पर दिखाई दें तो कभी गायब हो जाएं। पुरानी आईडी में संपत्ति का जो डाटा था, उसका नई संपत्ति से मिलान नहीं हो सका। शहरवासियों के साथ निगम नेताओं के खुद के घरों को याशी के सर्वे ने अवैध बता दिया। जिससे दिन भर निगम में लोग चक्कर काटते रहे और दिन भर अफसरों के फोन बजते रहे।
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नया डाटा मुसीबतों का बना पहाड़
शहरवासियों की संपत्तियों का डाटा पहले पुराने सर्वे के अनुसार एनडीसी पोर्टल पर चल रहा था। एनडीसी पोर्टल पर ही आपत्ति लगाकर त्रुटियां दूर करवाई जाती थीं। अब दोबारा से पीएमएस हरियाणा पोर्टल को खोल दिया गया और एनडीसी से आपत्ति लगाने का विकल्प हटा दिया गया। जिसके बाद पीएमएस हरियाणा पोर्टल पर ही आपत्ति दर्ज करवाई जाएंगी। जिसे सही करने के बाद एनडीसी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
वर्जन:
गलत डाटा अपलोड होने को लेकर मंगलवार को करनाल में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री के साथ बैठक होगी। इसमें डाटा की स्थिति स्पष्ट कर इसे ठीक करवाने की बात रखी जाएगी। अगर सुधार नहीं होने की गुंजाइश दिखी तो पुराने डाटा को ही पोर्टल पर अपडेट करवानी की बात रखी जाएगी।
समयपाल सिंह, क्षेत्रीय कराधान अधिकारी