पानीपत। नगर निगम ने सेक्टर 29 पार्ट-2 में लीक और खस्ताहाल हो चुकी 300 मीटर एरिया की मुख्य सीवरेज लाइन की मरम्मत का प्लान तैयार कर लिया है। निगम अधिकारियों ने एजेंसी को इस लाइन की सीआईपीपी तकनीक से रिपेयरिंग के काम का वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है। वहीं, इसके साथ सेक्टर 29 बाइपास पर डेज होटल के सामने ध्वस्त हुए मैनहोल की रिपेयरिंग का काम भी होगा। दोनों काम एक साथ किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि उपरोक्त के अलावा बबैल नाके से लेकर एसटीपी प्लांट तक करीब 11 किलोमीटर लंबी इस लाइन को बदलने वाले 109 करोड़ के लंबित प्रोजेक्ट को वीरवार को मंजूरी भी मिल सकती है। इसके लिए निगम आयुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर मुख्यमंत्री से मुलाकात भी करेंगे। वहीं आधे से ज्यादा शहर की निकासी करने वाली इस चलती सीवरेज लाइन और ध्वस्त मैनहोल की रिपेयरिंग निगम के लिए अब बहुत बड़ी चुनौती बन चुका है। ये सीवर लाइन छह फुट वर्गाकार की है। जबकि इसका मैनहोल 22 फुट गहरा है। इस लाइन में फिलहाल भी 16 वार्डों का गंदा पानी बह रहा है। चलती लाइन में ही रिपेयरिंग का काम करवाया जाएगा।
सेक्टर 29 पार्ट- 2 में चार बार सीवर लाइन लीक होने से जमीन धंस चुकी है। इस खस्ताहाल लाइन के 300 मीटर टुकड़े को बदलवाने के लिए करीब पौने पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए सीआईपीपी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए निगम ने सीवर लाइन में चल रहे पानी की निकासी की रफ्तार को धीमा करने का काम भी किया है। ताकि पाइपलाइन बदलते समय कोई हादसा न हो। इस तकनीक में पाइपलाइन के अंदर एक दूसरी पाइपलाइन डाली जाएगी। जिसके बाद ऊपरी स्तर पर स्टील और कंक्रीट से इसे मजबूत किया जाएगा। यानी इस तकनीक में बिना लाइन को रोके, अंदर और बाहर से पुरानी लाइन को मजबूत कर दिया जाएगा।
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सबसे पहले कर्मचारियों की सुरक्षा
निगम अधिकारियों का कहना है कि किसी भी हाल में उन्हें इस लाइन की रिपेयरिंग तो करवानी ही होगी। इसके लिए मौके पर काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सबसे पहले निर्धारित की जाएगी। मैनहोल से गंदे पानी को निकाल तो दिया गया है लेकिन चलती लाइन में ये पानी लगातार बह रहा है। इसी पर सेफ्टी बेल्ट और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग कर ध्वस्त मैनहोल की दीवार खड़ी की जाएगी। तब तक के लिए बाइपास रोड को भी ब्लॉक करके रखा जाएगा।
वर्जन:
खस्ताहाल हो चुकी लाइन की मरम्मत केवल सीआईपीपी तकनीक से ही हो सकती है। 300 मीटर का वह एरिया जो सबसे ज्यादा खस्ताहाल है उसके मजबूत करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसके साथ मैनहोल की भी रिपेयरिंग होगी। इसमें सबसे पहले सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है।
अर्पित बुधवार, एसडीओ, नगर निगम।