पानीपत। कोच एवं अच्छी डाइट न होने के बाद भी गांव कुराना के नितिन ने जेवलिन थ्रो को कॅरियर के रूप में चुना। नितिन ने गांव के मैदान में लकड़ी से भाला बनाकर फेंकना शुरू किया। रोज वह यू-ट्यूब से वीडियो देखते के बाद वह मैदान में अभ्यास करने जाता। जिसके बाद उन्होंने पैसे इकट्ठा कर अपने लिए जेवलिन खरीदा, जिससे अब वह अभ्यास करते हैं। गांव खंडरा में जेवलिन थ्रो दिवस पर आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता।
नितिन ने बताया कि उसने 2018 में नीरज चोपड़ा के कॉमनवेल्थ में स्वर्ण पदक जीतने के बाद 2019 में खेलना शुरू किया। कॉमनवेल्थ से पहले जेवलिन थ्रो के बारे में पता भी नहीं था। उन्होंने बताया कि उसके पिता अजमेर खेती करते हैं। कई बाद डाइट भी पूरी नहीं हो पाती है। अंडर-16 में अभी से नितिन 61 मीटर तक भाला फेंक लेते हैं। वर्ष 2020 में कोहनी में चोट लगने के बाद वह पांच महीने खेल नहीं सके थे।
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बाइक चलाकर अभ्यास के लिए आती है गुंजन, जीता स्वर्ण
भैंसवाल गांव की रहने वाली गुंजन रावल ने जेवलिन थ्रो प्रतियोगिता में 18.70 मीटर स्टेंडिंग थ्रो करके अंडर 18 में स्वर्ण पदक जीता है। नीरज के जीतने के बाद सितंबर 2021 में ही गुंजन ने खेलना शुरू किया था। एक साल भी पूरा नहीं हुआ और गुंजन ने पदक जीतना शुरू कर दिया है। गुंजन ने बताया कि 12वीं की पढ़ाई और कोचिंग के साथ रोजाना ट्रेनिंग करने में काफी दिक्कत आती है। रोजाना टाइम मैनेज करके वह खुद भैंसवाल गांव से बाइक चलाकर शिवाजी स्टेडियम आकर अभ्यास करती हैं। कोच जितेंद्र जागलान उन्हें अभ्यास कराते हैं।
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दीपिका और युवराज ने नीरज को देखकर एक साल पहले खेल शुरू किया,जीता स्वर्ण
खंडरा गांव की रहने वाली दीपिका और युवराज चोपड़ा ने अपने गांव के नीरज चोपड़ा से प्रोत्साहित होकर गांव खंडरा में ही खेलना शुरू किया। जीत के बाद जब नीरज चोपड़ा अपने गांव में आया तो उसने खिलाड़ियों को अभ्यास कराया था। जिसमें दीपिका और युवराज को नीरज ने ही भाला पकड़ना सिखाया था। प्रतियोगिता के दिन दीपिका के पैर में चोट लगी हुई थी जिसके बाद भी उसने जेवलिन थ्रो की और 22 मीटर भाला फेंका। इसी के साथ युवराज चोपड़ा ने भी भाला फेंककर स्वर्ण पदक प्राप्त किया। पिता पवन कुमार चोपड़ा ने बताया कि नीरज चोपड़ा के बाद गांव के युवाओं में खेलने का जोश जाग गया है। अब लगता है एक बेटे ने पदक जीतकर आने वाले खिलाड़ियों के लिए रास्ता साफ करने का काम किया है।