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Panipat News: लैक्रोस स्पर्धा की सब जूनियर कैटेगरी में महिला और पुरुष टीम ने जीते स्वर्ण पदक

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पानीपत। नेशनल लैक्रोस चैंपियनशिप की सब जूनियर कैटेगरी में हरियाणा की महिला और पुरुष टीम ने स्वर्ण पदक हासिल किया है। ये चैंपियनशिप आगरा के जॉन मिल्टन पब्लिक स्कूल में 29 से 31 मार्च को आयोजित की गई थी। दोनों टीमों की जीत के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है। भारतीय लैक्रोस गेम के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय मिपुन और राष्ट्रीय महासचिव तौशिफ अहमद लारी ने भी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी हैं।
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हरियाणा लैक्रोस गेम के महासचिव डॉ. राजेश टूर्ण ने बताया कि तीन दिन चली चैंपियनशिप में अंतिम दिन सब जूनियर जूनियर व सीनियर वर्ग के सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले गए। सीनियर पुरुष वर्ग में पांडिचेरी विजेता और केरल उप विजेता रहा। सीनियर महिला वर्ग में राजस्थान की टीम विजेता रही और हरियाणा की टीम उपविजेता रही। जूनियर पुरुष वर्ग में राजस्थान की टीम ने प्रथम और आंध्र प्रदेश की टीम ने दूसरा स्थान हासिल किया। जूनियर महिला वर्ग में राजस्थान की टीम प्रथम और हरियाणा की टीम दूसरे स्थान पर रही। सब जूनियर कैटेगरी में हरियाणा के पुरुष वर्ग की टीम विजेता रही और दूसरे स्थान पर छत्तीसगढ़ की टीम रही। सब जूनियर में महिला वर्ग हरियाणा की टीम ने भी प्रथम स्थान हासिल किया और आंध्र प्रदेश की टीम विजेता रही। प्रदेश की टीम में 12 जिलों के खिलाड़ी शामिल रहे। इनमें पानीपत, जींद, फतेहाबाद, सोनीपत, रोहतक, दादरी, भिवानी, हिसार, करनाल और फरीदाबाद जिला के खिलाड़ी रहे। सभी जिलों के खिलाड़ियों का प्रशिक्षण शिविर भी लगाया गया था। डॉ. राजेश टूर्ण ने बताया कि यह कनाडा का 400 साल पुराना खेल है। ओलिंपिक खेलों में इसके शामिल होने के बाद खिलाड़ियों में जोश नजर आ रहा है।

यह है लैक्रोस गेम
लैक्रोस एक टीम खेल है। जिसे लैक्रोस स्टिक और लैक्रोस बॉल के साथ खेला जाता है। यह खेल उत्तरी अमेरिका में 12वीं शताब्दी में खेला गया था। खिलाड़ी गेंद को गोल में ले जाने, पास करने, पकड़ने और शूट करने के लिए लैक्रोस स्टिक के सिर का उपयोग करते हैं। खेल के चार संस्करण हैं। जिनमें अलग-अलग छड़ें, फील्ड, नियम और उपकरण हैं। फील्ड लैक्रोस, महिला लैक्रोस, बॉक्स लैक्रोस और इंटरक्रॉस। यह मैच 45 मिनट का होता है। जिसमें पांच मिनट का ब्रेक होता है। इसके अलावा आठ-आठ मिनट के पांच राउंड होते हैं। एक टीम को गोल करने के लिए 30 सेकेंड का ही समय मिलता है।
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ओलिंपिक में पहले भी खेला जा चुका
यह खेल कई दशकों पहले ओलिंपिक में शामिल था। 1904 व 1908 में ओलिंपिक में खेला जा चुका है। इसके बाद 1928, 1932 व 1948 में यह गेम डेमो पर था। अब फिर शुरू किया गया है। इसकी प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता मार्च के अंतिम दिनों में पानीपत के भंडारी गांव में खेली गई थी।
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