पानीपत। मार्च में हुई बेमौसम बारिश से खराब हुई रबी की फसलों का जिले के किसी किसान को फसल क्षति की मुआवजा राशि नहीं मिली है। जिले के किसान जिन्होंने फसल क्षति के मुआवजे के लिए शिकायतें दी थी, सर्वे में किसी भी फसल का नुकसान 25 प्रतिशत से अधिक नहीं पाया गया। इसलिए जिले के किसानों को मुआवजा राशि जारी नहीं हो पाई जिससे किसानों में रोष है।
बता दें कि जिले के 2542 किसानों ने रबी फसल का बीमा करवाया था। मार्च में हुई बेमौसम बारिश से खराब हुई रबी की फसल के मुआवजे को लेकर 25 अप्रैल को प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 606.2 हैक्टेयर अर्थात करीब 1515 एकड़ रकबे के लिए मिली 361 शिकायतों पर सर्वे किया था। जिनमें अधिकतर गेहूं की फसल खराब पाई गई थी। सर्वे की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गई थी। कृषि विभाग ने खराब फसलों को प्रतिशतता अनुसार आकलन किया है। राजस्व विभाग के अनुसार 0 से 25 प्रतिशत तक खराब फसल के लिए कोई मुआवजा जारी नहीं किया गया। वहीं 26 से 50 प्रतिशत, 51 से 75 प्रतिशत और 76 से 100 प्रतिशत तक खराब हुई फसलों के लिए सरकार की ओर से मुआवजा राशि की अलग-अलग दरें निर्धारित की गई थी। सर्वे में पानीपत जिले में किसी भी क्षेत्र में खराब फसल का प्रतिशत 25 प्रतिशत से अधिक नहीं पाया गया जिससे जिले के किसी भी किसान को मुआवजा राशि जारी नहीं हुई है।
मतलौडा और इससाना क्षेत्र में हुआ था सबसे ज्यादा नुकसान
जिले के 1515 एकड़ में बिजी गई रबी की फसल बेमौसम बारिश से खराब हो गई थी। किसानों द्वारा दर्ज करवाई गई सूचना के अनुसार सबसे ज्यादा गेहूं और सरसों की फसल खराब हुई थी। सबसे ज्यादा प्रभावित मतलौडा व इसराना क्षेत्र था, जहां आपदा से फसलें खराब हुई थी। वहीं समालखा, बापौली, सनौली क्षेत्र में भी फसलों को बारिश से नुकसान हुआ था।
वर्जन-
बेमौसम बारिश से खराब हुई फसलों का विभाग ने सर्वे किया था। खराब फसलों का प्रतिशतता अनुसार आकलन किया है। सर्वे में जिले में किसी भी क्षेत्र में खराब फसल का प्रतिशत 25 प्रतिशत से अधिक नहीं पाया गया जिससे जिले के किसी भी किसान को मुआवजा राशि जारी नहीं हुई है।
- डॉ. राजकुमार भौरिया, जिला राजस्व अधिकारी, पानीपत।