फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: मंड़ियों में नहीं पहुंचा गेहूं, आढ़ती पांच दिन की हड़ताल पर गए

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। जिले की मंडियों में सरकारी खरीद के पहले दिन सोमवार को गेहूं नहीं पहुंचा। ऐसे 12 में से किसी भी मंडी या केंद्र पर खरीद नहीं हुई। फसल कच्ची होने के चलते खेतों में अभी गेहूं कटाई का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। इसमें अभी पांच से सात दिन लग सकते हैं। इन सबके बीच आढ़ती पांच दिन की हड़ताल पर चले गए हैं। आढ़तियों की कमीशन ढाई प्रतिशत करने और हर फसल आढ़तियों के माध्यम से खरीदने की मांग की है। ऐसे में पांच दिन तक गेहूं खरीद की उम्मीद नजर नहीं आ रही।
विज्ञापन

गेहूं की सरकारी खरीद नियमानुसार सोमवार को शुरू हो गई। जिले की 12 मंडियों व केंद्रों पर खरीद के लिए सोमवार को एजेंसी पहुंची। एफसीआई, हैफेड, फूड एंड सप्लाई व वेयर हाउस की टीम पूरा दिन इंतजार के बाद लौट आई। खेतों खड़ी गेहूं की फसल कटाई में अभी एक सप्ताह का समय लगेगा। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार मौसम में नमी बनी हुई है। मार्च महीने में दो-तीन ही गर्म दिन रहे हैं। इसके अलावा पूरा महीना आसमान में बादल छाए रहे। ऐसे में फसल पकाई में समय लग रहा है।

बॉक्स

2.50 लाख एमटी खरीद का लक्ष्य
जिले में 85 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल है। इस बार 2.50 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है। कृषि विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि मौसम अनुकूल होने से फसल पकाई को पूरा समय मिल रहा है। ऐसे में गेहूं का दाना भी मोटा है। इससे उत्पादन बढ़ेगा। पिछले साल यहां 2.30 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी। मंडियों में गेहूं खरीद के लिए एफसीआई, हैफेड, फूड एंड सप्लाई व वेयर हाउस एजेंसी खरीद का जिम्मा दिया गया है।
विज्ञापन


बॉक्स
आढ़ती पांच दिन की हड़ताल पर गए
जिला के अनाज मंडी आढ़ती अपनी मांगों लेकर सोमवार को पांच दिन की हड़ताल पर चले गए। मंडी स्तर पर धरना प्रदर्शन किया गया। पानीपत अनाज मंडी में जिला आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान धर्मबीर मलिक और पानीपत मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दिनेश भौक्कर ने इसकी अगुवाई की। उन्होंने कहा कि आढ़ती और किसान का रिश्ता सबसे मजबूत था, लेकिन सरकार की नीतियों के चलते सब टूट गया। आढ़ती की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनको अनदेखा कर फसल खरीदी जाने लगी है। अब मंडियों में सरसों खरीद में आढ़तियों को बीच से निकाल दिया गया है। एजेंसी मंडी में किसानों से सीधे सरसों खरीद रही है। इसी तरह गेहूं में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आढ़तियों का ढाई प्रतिशत प्रति क्विंटल पर कमीशन तय किए जाएं। इसके साथ हर फसल एमएसपी रेट के आधार पर आढ़ती के माध्यम खरीदी जाएं। उन्होंने कहा कि पांच दिन की हड़ताल में उनकी मांगों को नहीं माना तो वे गेहूं के सीजन में आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

वर्जन :

मंडियों में सोमवार को गेहूं खरीद का पहला दिन रहा। 12 में से किसी भी मंडी या केंद्र पर गेहूं नहीं पहुंचा। एजेंसियों के अधिकारी व कर्मचारी पूरा दिन संबंधित मंडी व केंद्र पर तैनात रहे। अभी फसल कटाई में पांच से सात दिन का समय लग सकता है। गेहूं खरीद की सब तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
विज्ञापन

आदित्य कौशिक, नियंत्रक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें