पानीपत। शहर के बड़े बकायेदारों पर प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए निगम अमला मंगलवार को दूसरे दिन भी धरातल पर उतरा। सबसे पहले निगम टीम सनौली रोड स्थित इंडियन ऑयल के एक पेट्रोल पंप को सील करने पहुंची। काफी देर तक गहमा गहमी और नोक-झोंक चलती रही। अंतत: 46 लाख के टैक्स की रिकवरी पर महज दस लाख रुपये का चेक लेकर टीम को लौटना पड़ा। सूत्रों के अनुसार एक नेता का फोन आने और स्थानीय लोगों द्वारा नोक-झोंक के बाद निगम ने आगामी कार्रवाई स्थगित कर दी है।
उल्लेखनीय है कि निगम अधिकारियों ने पेट्रोल पंप पर नोटिस चस्पा कर दिया। उसके बाद निगम टीम दूसरे बकायेदारों के पास तक नहीं जा सकी। शाम को निगम आयुक्त राहुल नरवाल ने भी अधिकारियों के साथ इसी विषय पर बैठक ली। जिसमें फैसला लिया गया कि अब आगामी कुछ दिनों तक इस कार्रवाई को स्थगित किया जाएगा। कार्रवाई करने मौके पर निगम उप आयुक्त से लेकर एक्सईएन, जेई और कर शाखा के अधिकारी मौजूद रहे।
टैक्स रिकवरी को लेकर निगम अधिकारियों ने सोमवार को अभियान शुरू किया था। दूसरे दिन निगम टीम सिर्फ सनौली रोड स्थित पेट्रोल पंप पर ही नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई कर पाई। अधिकारियों ने बताया कि ये पंप प्रमोद मलिक का है। उधर मौके पर मौजूद पेट्रोल पंप मालिक ने कहा कि निगम ने उनका टैक्स गलत बनाया है। अगर वे इसे ठीक करते हैं तो वे इसे भरने के लिए तैयार हैं। जिस पर निगम अधिकारियों ने टैक्स स्लैब और छूट के अनुसार भी टैक्स की गुणा भाग की तो छूट के बाद पंप पर करीब 21 लाख रुपये का टैक्स बनता था। इसके बाद पंप मालिक की ओर से निगम अधिकारियों को केवल दस लाख रुपये का चेक देकर लौटा दिया गया। हालांकि पंप मालिक की ओर से आश्वासन दिया गया कि वे पूरे टैक्स को सही करवाने के बाद 31 दिसंबर तक इसे जमा करवा देंगे।
वर्जन:
टैक्स भरने के आश्वासन पर टीम लौट आई
टैक्स रिकवरी को लेकर निगम टीम मौके पर पहुंची थी। इमारत मालिक निगम की टैक्स गणना से संतुष्ट नहीं था। जिसके बाद उसके लिखित टैक्स भरने के आश्वासन और दस लाख रुपये के चेक की रिकवरी कर टीम लौट आई।
राहुल पूनिया, एक्सईएन, निगम।