पानीपत। पिछले कई दिनों से सुबह के समय मध्यम धुंध छा रही हैं, वहीं पर दिन के समय तेज धूप खिलने के कारण तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। दिन का अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान नौ डिग्री पर जा पहुंचा है। फरवरी के दूसरे पखवाड़े में सर्दी लगातार कम होती जा रही हैं जिसके कारण अब सुबह और शाम के वक्त ही ठंड का अहसास हो रहा है। अब मौसम विभाग ने एक बार फिर से मौसम के परिवर्तनशील होने के आसार जताए हैं।
मौसम विभाग ने जारी बुलेटिन में बताया कि 18 से 19 फरवरी को बारिश के आसार बन रहे हैं। चंडीगढ़ सहित पांच जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने के आसार हैं। इसके लिए विभाग की तरफ से ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इससे पहले एक से पांच फरवरी तक बूंदाबांदी रही थी। मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के मुताबिक आज से पश्चिम विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम बदलने जा रहा है। चंडीगढ़ समेत पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल जिलों में कल रात से मौसम बदलने के आसार मौसम विशेषज्ञों ने जताए हैं। तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार आज देर रात से एक बार फिर उत्तर भारत के राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता बनने वाली है।
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11 साल में सबसे कम बारिश दर्ज
प्रदेश में जनवरी महीने में 11 साल बाद सबसे कम बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे पहले 2016 में भी 99 फीसदी कम बारिश हुई थी। साल 2023 में 11.6 एमएम, 2022 में 69.4, 2021 में 20.9, 2020 में 23 और 2019 में 14.6 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। जबकि फरवरी में अभी तक औसतन 6.9 एमएम बारिश हुई। जो सामान्य से 0.2 एमएम ज्यादा है। इस दौरान पंचकूला, कैथल और करनाल में ओले गिरे थे।
वर्जन :
बढ़े तापमान का असर फसलों पर पड़ेगा
कृषि विशेषज्ञ डा. राजबीर ने बताया कि अभी तापमान बढ़ने लगा है जिसका प्रभाव फसलों पर पड़ेगा। गर्मी में गेंहू की नालियां पड़ जाएगी और दाना पूर्ण रूप से परिपक्व नहीं होगा। जो अगेती फसल पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
वर्जन :
मौसम विशेषज्ञ डा. आशीष ने बताया कि 18 फरवरी से मौसम के परिवर्तनशील होने के आसार हैं। जिले में कई स्थानों पर बूंदाबांदी हो सकती हैं। आसमान में बादल छाए रहेंगें।