सनौली। यमुना का जलस्तर एक बार फिर बढ़ गया है। जिससे आसपास के गांव के किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। किसानों को यमुना के पानी से बाढ आने का खतरा है। यमुना खतरे के निशान से सिर्फ एक मीटर नीचे बह रही है। जबकि अधिकारियों का कहना है कि हालात सामान्य हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी वर्षा के चलते हथिनी कुंड बैराज से सनौली यमुना नदी में पिछले 12 घंटे के दौरान करीब 487827 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है, जोकि यमुना में मानसून के इस सीजन का सर्वाधिक जलस्तर है।
जलस्तर बढने के कारण यमुना नदी चेतावनी बिंदु से करीब डेढ़ मीटर नीचे बह रही है। इसके चलते एक बार फिर खादर के किसानों की चिंता बढ़ती नजर आ रही है। वहीं, बाढ चौकियों को अलर्ट रहने एवं निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्षा के चलते हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में निरंतर पानी छोड़ा जा रहा है। पिछले दो दिनों तक यमुना नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा था। मंगलवार को हथिनी कुंड बैराज से यमुना नदी में सात बार में साढ़े तीन लाख क्यूसिक पानी छोड़ा गया और बुधवार को यमुना में हथिनी कुंड बैराज से सात बार सुबह 11 बजे से पांच बार में साढे पांच लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किए जाने के साथ ही सनौली यमुना पुल पर सूचकांक पर जलस्तर 230. 20 मीटर पर रिकॉर्ड किया गया था।
यमुना में छोड़े गए पानी से बुधवार को सनौली यमुना नदी तक पहुंचने पर जलस्तर बढ़ गया। दोपहर बाद 4 बजे जलस्तर 230. 80 मीटर पर पहुंच गया। यहां से चेतावनी बिंदु 231 मीटर व खतरे का बिंदु 231.500 मीटर पर है। वहीं, यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण एक बार फिर से खादर के किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
हालांकि, क्षेत्र में नुकसान की कोई सूचना नहीं है। क्षेत्र में बाढ़ चौकियों को अलर्ट रहने के साथ ही कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। नहरी विभाग के अवर अभियंता आशु ने बताया कि ताजेवाला हेड से दो दिनों से यमुना के अंदर लगातार एक-दो घंटे के अंतराल में जल स्तर बढ़ता जा रहा हैं जो यमुना में डिस्चार्ज किया जा रहा है। वीरवार तक ओर जल स्तर बढ़ने से संभावनाएं हैं। यमुना में ताजेवाला हेड से छोड़ा गया पानी अगले 24 घंटे के अंदर पानी के सनौली यमुना तक पहुंचने की संभावना है। इससे किसानों व ग्रामीणों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
इस बारे में सिंचाई विभाग के जेई मोहित का कहना है कि यमुना में जल स्तर बढ़ा है। यहां बाढ़ नियंत्रण के पुख्ता प्रबंध हैं। सिंचाई विभाग की टीम अलर्ट है।